छत्तीसगढ़ में हैवान पति का वीभत्स चेहरा! पत्नी के शरीर पर 18 गंभीर चोटें, लोहे की रॉड से हुई गर्भवती की मौत

Rashtrabaan

    अंबिकापुर : छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर जिले में एक गर्भवती महिला की मौत की खबर से पूरा क्षेत्र दहल गया है। पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इस मामले की गंभीरता को बयां किया है। पुलिस ने बताया कि महिला की हत्या उसके ही पति ने बेरहमी से की, जिसे बाद में सड़क हादसे का रूप देने की कोशिश की गई। आरोपी पति घटना के बाद फरार हो गया है और पुलिस उसकी तलाश में लगातार छापेमार कार्रवाई कर रही है।

    अस्पताल पहुंचा कर हादसे का झूठा कहानी बताई

    मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना गुरुवार की रात घटी। पति ने कथित तौर पर अपनी गर्भवती पत्नी के साथ मारपीट की और उसे गंभीर चोटें पहुंचाईं। महिला बेहोश हो गई तो उसे बाइक पर बांधकर अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया गया। वहां उसने दावा किया कि यह सड़क दुर्घटना थी। डॉक्टरों को मामला संदिग्ध लगा, जब महिला की मौत की पुष्टि हुई तो आरोपी भाग गया।

    पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गंभीर तथ्य सामने आए

    पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, महिला के शरीर पर कुल 18 गंभीर चोटें पाई गईं। विशेषतौर पर उसके प्राइवेट पार्ट में लगभग 10 इंच लंबी लोहे की रॉड डाली गई थी, जिससे उसकी बच्चेदानी फट गई और गर्भस्थ शिशु समेत उसकी मौत हो गई। फोरेंसिक विभाग के विशेषज्ञ डॉ. संटू बाग ने बताया कि अंदरूनी चोटों के कारण अत्यधिक रक्तस्राव हुआ और मौत हुई। पुलिस जांच से स्पष्ट हुआ कि महिला के साथ क्रूरता से हिंसा हुई थी।

    पांच साल की बेटी ने दिया पुलिस को महत्वपूर्ण बयान

    घटना के समय दंपती की पांच वर्षीय बेटी भी घर में थी। पुलिस ने बच्ची से बात की तो उसने उस रात की घटनाएं बताईं। हालांकि, बच्ची की सुरक्षा और मानसिक स्थिति के मद्देनजर उसके बयान और पहचान सार्वजनिक नहीं की गई। पुलिस के अनुसार, बच्ची के बयान ने जांच में महत्त्वपूर्ण दिशा प्रदान की है।

    प्रेम विवाह के बाद बढ़े विवाद

    जांच में पता चला कि महिला और आरोपी पति ने प्रेम विवाह किया था। शुरू में रिश्ता सामान्य था लेकिन बाद में घरेलू विवाद बढ़ने लगे। स्थानीय लोग और रिश्तेदार बताते हैं कि आरोपी शराबी था और अक्सर पत्नी पर हिंसा करता था। परिवार में पहले भी झगड़े होते रहे हैं। दंपती के चार बच्चे हैं और महिला गभर्वती थी।

    पुलिस ने बनाई दो विशेष टीमें, चला रही दबिश

    सरगुजा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दो विशेष टीमें गठित की गई हैं। पुलिस उसके रिश्तेदारों, दोस्तों और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है। उन्होंने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज़ी से हो रही है और जल्द आरोपी को गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं।

    फोरेंसिक टीम ने किया घटनास्थल का निरीक्षण

    मणिपुर थाना प्रभारी सीपी तिवारी के नेतृत्व में पुलिस और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। टीम ने घर से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं जो जांच के लिए भेजे गए हैं। पुलिस यह पता लगाने को लेकर भी गंभीर है कि जानलेवा हमले के समय घर में क्या परिस्थितियाँ थीं और आरोपी ने अपराध छुपाने के लिए क्या कदम उठाए।

    स्थानीय लोगों में गुस्सा और चिंता

    इस अमानवीय कृत्य के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि घरेलू हिंसा की घटनाओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए ताकि ऐसे विनाशकारी अपराध रोके जा सकें। महिला संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी मामले की सख्त जांच और दोषी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि महिलाओं के विरुद्ध बढ़ती हिंसा को रोकने के लिए प्रशासन और समाज दोनों को मिलकर कदम उठाने होंगे।

    पुलिस की प्राथमिकता आरोपी की गिरफ्तारी

    अभी पुलिस का फोकस आरोपी को पकड़ने पर है। अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद पूरे घटना क्रम और हत्या के पीछे की वजहों का भी पूर्ण रूप से पता लगाया जाएगा। इस दुखद घटना ने समाज को एक बार फिर घरेलू हिंसा के प्रति सावधान रहने की जरूरत याद दिला दी है।

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