पंजाब ने सटौंज गाँव में भूमिगत बिजली आपूर्ति नेटवर्क की शुरुआत की

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    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने हाल ही में कहा कि पंजाब में अब फसल आग और बिजली तारों की वजह से होने वाले हादसों को रोका जाएगा। इस नई पहल का महत्व किसानों और ग्रामीणों के लिए काफी बड़ा होगा, क्योंकि इससे उनकी सुरक्षा और कृषि उत्पादन दोनों में सुधार होगा।

    अधिकारिक सूत्रों के अनुसार, प्रदेश सरकार ने बिजली के तारों को भूमिगत करने का अभियान शुरू किया है, जिसके अंतर्गत सटौंज जैसे ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति नेटवर्क को भूमिगत किया जा रहा है। इससे जहां बिजली के कारण होने वाले आकस्मिक हादसों की संभावना घटेगी, वहीं फसलों को आग लगने का खतरा भी न्यूनतम हो जाएगा।

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इस योजना को प्रदेश की कृषि से जुड़ी एक बड़ी सफलता बताया है। उन्होंने कहा कि बिजली तारों से टकराकर जो दुर्घटनाएं होती थीं, वे अब समाप्त हो जाएंगी। साथ ही, खेतों में फसल की आग लगने के मामले भी कम होंगे, जिससे किसानों को भारी नुक़सान से बचाने में मदद मिलेगी।

    यह योजना ग्रामीण इलाकों की बिजली आपूर्ति व्यवस्था को और मजबूत और भरोसेमंद बनाएगी। भूमिगत बिजली नेटवर्क की वजह से बिजली कटौती का खतरा भी कम होगा तथा आपूर्ति में स्थिरता आएगी। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की तकनीकी अपडेट से बिजली चोरी व दुर्घटनाओं में कमी आने के साथ-साथ किसानों की आमदनी भी बढ़ेगी।

    सरकार का यह कदम प्रदेश के लिए एक नयी शुरुआत माना जा रहा है, जिसमें तकनीक और सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती तौर पर सटौंज गांव में यह नेटवर्क लागू किया जाएगा और उसके बाद इस योजना को पूरे पंजाब में फैलाया जाएगा। इससे पहले भी ऐसे प्रयास कुछ अन्य राज्यों में देखे गए हैं, लेकिन पंजाब में यह कार्य सुनियोजित तरीके से किया जा रहा है।

    कृषि विशेषज्ञ और ग्रामीण क्षेत्र के लोग इस पहल को बेहद सराहनीय मान रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को आर्थिक व सामाजिक दोनों रूपों में लाभ होगा। बिजली संबंधी दुर्घटनाएं न केवल आर्थिक नुकसान करती हैं बल्कि जान-माल की हानि भी करती हैं। इस योजना से यह बड़ा खतरा समाप्त होगा।

    इस नई योजना के अंतर्गत सटौंज गांव में भूमिगत बिजली आपूर्ति नेटवर्क जल्द ही सक्रिय हो जाएगा। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इससे जुड़ी लागत सरकार वहन करेगी और ग्रामीणों को इस सुविधा के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा।

    इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्रदेश सरकार बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता में सुधार के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी ध्यान में रख रही है। विद्युत तारों के भूमिगत होने से न केवल हादसों में कमी आएगी, बल्कि आस-पास के क्षेत्र का दृश्य भी आकर्षक बनेगा।

    सरकार की यह पहल स्पष्ट रूप से दिखाती है कि वह ग्रामीण इलाकों के विकास और किसानों के हित में काम करने के लिए प्रतिबद्ध है। किसानों को बिजली संबंधी जोखिम से मुक्त कर बेहतर कृषि विकास को सुनिश्चित करना इस कदम का मुख्य उद्देश्य है। आगामी महीनों में इस परियोजना से जुड़ी और भी खुशखबरी सामने आने की उम्मीद है।

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