भोपाल। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सहकारिता विभाग की महत्वपूर्ण बैठकों में विभाग की गतिविधियों की गहन समीक्षा की और प्राथमिक कृषि साख समितियों (पैक्स) में सदस्यता वृद्धि हेतु 30 जून तक सदस्यता अभियान चलाने के स्पष्ट निर्देश दिए। यह अभियान 14 अप्रैल से प्रारंभ हो चुका है और इसका उद्देश्य प्रदेश में 10 लाख नए सदस्यों को जोड़ना है, जिससे ग्रामीण आर्थिक व्यवस्था में सुधार हो सके।
मुख्यमंत्री ने किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के संदर्भ में भी वर्ष भर में सवा लाख नए स्वीकृतियों का लक्ष्य तय करने के निर्देश दिए। इस समीक्षा बैठक में सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, मुख्य सचिव अनुराग जैन और प्रमुख सचिव डीपी आहूजा सहित अन्य अधिकारियों ने भाग लिया।
मोहन यादव ने जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों के सुदृढ़ीकरण की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि आगामी तीन वर्षों में सभी कमजोर जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जाएगा। पिछले ढाई वर्षों में 18 कमजोर बैंकों में से छह की हालत में सुधार हुआ है। रीवा, सतना, जबलपुर, शिवपुरी, ग्वालियर और दतिया बैंक को सरकारी अंश पूंजी सहायता प्रदान कर सुदृढ़ीकरण के प्रयास जारी हैं। अगले चरण में भिंड, मुरैना, रायसेन, सागर, सीधी और नर्मदापुरम बैंकों को भी मजबूत करने का कार्य किया जाएगा।
उन्होंने पैक्स के लेन-देन में मोबाइल एप्लिकेशन के उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में प्रयास तेज करने की बात कही। वर्तमान में प्रदेश के 4536 पैक्स को केंद्र प्रायोजित कंप्यूटराइजेशन योजना के तहत शीघ्र ही कंप्यूटरीकृत किया जा चुका है और यह योजना देश में अग्रणी मानी जाती है। जल्द ही मोबाइल ऐप के माध्यम से भी पैक्स ट्रांजेक्शन संभव हो पाएगा।
बैठक में बताया गया कि बीज उत्पादक सहकारी संस्थाओं ने पिछले दो वर्षों में 14 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज का उत्पादन एवं विपणन किया है। साथ ही 1102 नई दुग्ध समितियों का गठन किया गया है, जिससे कुल 5562 दुग्ध समितियाँ सक्रिय हैं। वित्तीय समावेशन को लेकर 76 हजार सदस्यों के खाते जिला सहकारी बैंक में खोले गए हैं और व्यापक स्तर पर भर्ती एवं संस्थागत क्षमता निर्माण जारी है।
राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित नवीन तीन सहकारी समितियों के साथ भागीदारी को बढ़ावा दिया जा रहा है। भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड (बीबीएसएसएल) के साथ प्रदेश के सहकारी बीज संघ ने एमओयू किया है, जिससे 17 करोड़ रुपये का व्यापार और 844 पैक्स सदस्य बने हैं। राष्ट्रीय सहकारी ऑर्गेनिक लिमिटेड (एनसीओएल) के साथ सहयोग से 1335 पैक्स सदस्य हुए हैं, वहीं राष्ट्रीय सहकारी निर्यात लिमिटेड (एनसीईएल) के साथ समझौते के तहत 1612 पैक्स सदस्य हुए हैं।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सभी संबंधित अधिकारियों और सहकारिता समितियों से आग्रह किया कि वे सदस्यता अभियान को पूरी सक्रियता से चलाएं और सहकारिता विभाग को और अधिक मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास करें, ताकि किसानों और सदस्यों को बेहतर सेवाएं मिल सकें और आर्थिक स्थिति में सुधार हो सके।

