लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने की अपील के बाद उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बाइक से यात्रा करने का निर्णय लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कदम प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अपील का समर्थन करता है ताकि तेल पर निर्भरता कम हो सके और ऊर्जा की बचत हो।
सुरेश खन्ना ने कहा, “अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्पन्न वर्तमान परिस्थिति के कारण, हमें आवश्यकता है कि हम ईंधन की बचत करें। पीएम मोदी और सीएम योगी की ओर से की गई अपील का हम पूरी तरह पालन कर रहे हैं। पिछले सप्ताह हमने साइकिल से यात्रा की थी और आज मोटरसाइकिल से आए हैं। हम गाड़ी का उपयोग नहीं करेंगे। मैं सभी नागरिकों से अपील करता हूं कि वे भी इस कदम का अनुसरण करें।”
इस पर भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर ने टिप्पणी करते हुए कहा कि पीएम मोदी की नेतृत्व में सनातन संस्कृति की ओर पूरी दुनिया आकर्षित हो रही है। उन्होंने बताया कि कई देशों के लोग अब सनातनी हो रहे हैं और वे राधे-राधे तथा हर हर महादेव का जाप कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हिंदुत्व की मजबूत आधारशिला बनाई है, जिसके तहत इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज और फैजाबाद का नाम बदलकर अयोध्या किया गया है।
नंद किशोर गुर्जर ने जोर देते हुए कहा, “हम सबका साथ, सबका विकास के सिद्धांत पर कार्य कर रहे हैं। पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत के बाद समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव को भी हनुमान चालीसा पढ़ते हुए देखा जा सकता है। उत्तर प्रदेश में सपा की हार पक्की है।”
राहुल गांधी के हालिया बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए नंद किशोर गुर्जर ने कहा कि जब भी राहुल गांधी विदेश यात्रा पर जाते हैं, वे देश विरोधी बातें करते हैं और टुकड़े-टुकड़े गैंग के साथ खड़े नजर आते हैं। पीएम मोदी के प्रति उनकी negatिव टिप्पणियां खुद ही उनके खिलाफ काम करेंगी और जनता उन्हें इसका जवाब देगी।
इसके अलावा वंदे मातरम के मुद्दे पर भी नंद किशोर गुर्जर ने कहा कि कांग्रेस मुस्लिम तुष्टिकरण के लिए बयानबाजी करती है। अगर देश में राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत का सम्मान नहीं होगा तो राष्ट्रवाद का कोई तात्पर्य नहीं बचेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी को बंगाल में गुंडों की कमर तोड़ने के लिए बधाई दी।
इस प्रकार यूपी के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना का बाइक से आना सिर्फ एक राजनीतिक कदम ही नहीं बल्कि सामाजिक तौर पर भी एक संदेश है कि हर नागरिक को ऊर्जा संरक्षण के लिए अपने स्तर पर पहल करनी चाहिए। भाजपा के नेताओं के इस सकारात्मक रवैये ने राजनीति के साथ-साथ समाजिक जिम्मेदारी का उदाहरण भी प्रस्तुत किया है।
