ट्विशा का ऋषिकेश से गहरा लगाव था: पिता नवनीधि शर्मा

Rashtrabaan

    भोपाल। ट्विशा शर्मा के परिवार ने शुक्रवार को त्रिवेणी घाट पर उनकी अस्थियां विसर्जित कीं। इस दौरान ऋषिकेश में ट्विशा के पिता नवनीधि शर्मा ने बेटी की याद में भावुक बयान दिया। उन्होंने कहा कि ट्विशा का ऋषिकेश से बहुत गहरा लगाव था और वह वहां के वातावरण में खुद को जुड़ा हुआ महसूस करती थीं।

    नवनीधि शर्मा ने बताया कि ट्विशा ने यहां योग क्लासेज में हिस्सा लिया था और 300 घंटे की प्रोफेशनल योग ट्रेनिंग भी पूरी की थी। उन्होंने कहा, “उन्होंने सिर्फ मेरी बेटी की हत्या नहीं की, बल्कि प्यार की भी हत्या कर दी। मेरी जिंदगी से एक ऐसा पवित्र प्यार छीन लिया गया है, जिसके लिए जिम्मेदार वही लोग हैं।”

    उन्होंने यह भी कहा कि परिवार का संघर्ष अभी समाप्त नहीं हुआ है। नवनीधि शर्मा ने बताया कि सीबीआई की जांच शुरू होने के साथ उनके मन में उम्मीदें जागी हैं। “अब जब सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है, तो हमारी उम्मीदें बढ़ गई हैं। आगे क्या होता है, इसे देखना होगा,” उन्होंने कहा।

    ट्विशा की चचेरी बहन नैना शर्मा ने भी ऋषिकेश में हुई अस्थि विसर्जन के दौरान कहा, “ट्विशा को ऋषिकेश बहुत पसंद था। हमने आज यहां उसकी अस्थियां विधिपूर्वक विसर्जित की हैं। आगे की कार्रवाई लगातार चल रही है और हम हरसंभव प्रयास करेंगे कि यह मामला दिल्ली ट्रांसफर हो जाए। गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह के खिलाफ मामला केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्हें सजा मिलनी चाहिए।”

    ट्विशा के भाई मेजर हर्षित शर्मा ने बताया कि मामले में कई अहम घटनाक्रम हुए हैं। “सीबीआई ने इस मामले की कमान संभाल ली है और आखिरकार अब चीजें आगे बढ़ रही हैं,” उन्होंने बताया।

    भोपाल में परिवार के वकील अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि अब आरोपियों के पास आपत्ति उठाने का कोई आधार नहीं बचा है क्योंकि उच्च न्यायालय ने गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत खारिज कर दी है। उन्होंने कहा, “हमने अदालत के सामने सभी तथ्य रखे थे और हिरासत में पूछताछ की आवश्यकता स्पष्ट की थी। इसी आधार पर हाई कोर्ट ने अग्रिम जमानत को खारिज किया। अब सीबीआई जांच करने के लिए पूरी तरह से स्वतंत्र है।”

    अनुराग श्रीवास्तव ने सीसीटीवी फुटेज के साथ छेड़छाड़ के गंभीर आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा, “फुटेज जब्त होने से पहले उसके कुछ हिस्सों को हटाया गया था। न केवल ये हिस्से हटाए गए, बल्कि फुटेज में भी छेड़छाड़ की गई।”

    उन्होंने कहा कि परिवार शुरू से ही इस बात का दावा करता रहा है कि मामले में प्रभाव डालने की कोशिश की जा रही है और सबूतों के साथ छेड़छाड़ हो रही है। यह बात राज्य सरकार और सीबीआई के अलावा उच्च न्यायालय के सामने भी रखी जा चुकी है।

    इस पूरे मामले में न्याय मिलने की उम्मीद परिवार और समाज दोनों को है, और सीबीआई की जांच को इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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