ट्विशा शर्मा मामले में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने दोबारा पोस्टमॉर्टम की मंजूरी दी, जांच करेगी AIIMS टीम

Rashtrabaan

    जबलपुर: मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए दोबारा पोस्टमॉर्टम की मंजूरी दे दी है। यह आदेश ट्विशा के परिवार द्वारा दी गई याचिका की सुनवाई के बाद जारी हुआ, जिसमें मृतका के निधन के कारणों को स्पष्ट करने के लिए पुनः मेडिकल जांच कराने की मांग की गई थी। कोर्ट ने पुलिस को आवश्यक इंतजाम करने के निर्देश भी दिए हैं ताकि जांच पूरी पारदर्शिता से हो सके। इस फैसले के साथ ही मामला एक नए पड़ाव पर पहुंच गया है और आगे की जांच के लिए रास्ते खुल गए हैं।

    पोस्टमॉर्टम दुबारा कराने की सहमति

    सुनवाई के दौरान ट्विशा शर्मा के पति समर्थ सिंह के वकील ने कहा कि वे दोबारा पोस्टमॉर्टम कराए जाने के पक्ष में हैं। उन्होंने यह भी आग्रह किया कि जांच पूरी होने के बाद शव ससुराल पक्ष को सौंप दिया जाए। कोर्ट में विभिन्न पक्षों ने अपने मत रखे, जिसमें मेडिकल जांच से लेकर कानूनी अधिकार और जिम्मेदारियों तक कई पहलुओं पर चर्चा हुई। यह मामला केवल पोस्टमॉर्टम तक सीमित नहीं रह गया बल्कि इसकी तह में जाकर परिवार के अधिकारों की भी बात हुई।

    सॉलिसिटर जनरल का पक्ष

    सॉलिसिटर जनरल ने अदालत को बताया कि दोबारा पोस्टमॉर्टम का मकसद किसी पर आरोप लगाना नहीं है, बल्कि इससे सभी पक्षों का विश्वास बढ़ेगा और मामले में पारदर्शिता बढ़ेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पहली पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के डॉक्टरों की योग्यता या वैधता पर कोई सवाल नहीं उठाया जा रहा है। यह कदम केवल मामले को और अधिक विश्वसनीय तथा स्पष्ट बनाने के लिए उठाया गया है, ताकि कोई भी भ्रम या संदेह न रहे।

    आरोपी के जमानत और सरेंडर पर बहस

    सुनवाई में वरिष्ठ अधिवक्ता मृगेंद्र सिंह ने कहा कि आरोपी समर्थ सिंह अपनी जमानत याचिका वापस लेकर ट्रायल कोर्ट में सरेंडर करना चाहते हैं। इसके साथ वह चाहते हैं कि ट्रायल कोर्ट उसी दिन उनकी जमानत याचिका पर फैसला करे। हालांकि, इस प्रस्ताव पर सॉलिसिटर जनरल ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस जांच के इस चरण में आरोपी के अधिकारों और प्रक्रिया में संतुलन बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या आरोपी को जांच प्रक्रिया प्रभावित करने की अनुमति दी जानी चाहिए।

    AIIMS की विशेषज्ञ टीम करेगी पुनः पोस्टमॉर्टम

    कोर्ट के निर्देशानुसार ट्विशा शर्मा का दोबारा पोस्टमॉर्टम दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) की विशेषज्ञ टीम करेगी। यह टीम भोपाल एम्स में पहुंचकर पूरी मैडीकल प्रक्रिया को अंजाम देगी। इस जांच की पूरी वीडियो रिकॉर्डिंग भी की जाएगी ताकि किसी भी प्रकार के विवाद को टाला जा सके। विशेषज्ञों की मौजूदगी में की जाने वाली इस जांच का नतीजा केस की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

    राज्य सरकार की सीबीआई जांच की सिफारिश

    मामले की गंभीरता को देखते हुए मध्य प्रदेश राज्य सरकार ने केंद्र सरकार को सीबीआई जांच के लिए औपचारिक प्रस्ताव भेजा है। सरकार का मानना है कि मामले की संवेदनशीलता और उठ रहे प्रश्नों को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय जांच एजेंसी द्वारा जांच करवाना उचित होगा। इस संदर्भ में अब केंद्र की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।

    शादी के पांच महीने बाद रहस्यमयी मौत

    यह मामला तब और ज्यादा चर्चा में आया जब यह जाना गया कि ट्विशा शर्मा की शादी केवल पांच महीने पहले दिसंबर 2025 में हुई थी। ट्विशा की मुलाकात उनके पति समर्थ सिंह से एक डेटिंग ऐप के जरिये हुई थी। समर्थ सिंह पेशे से एक क्रिमिनल लॉयर हैं। 12 मई 2026 को ट्विशा की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई, जिससे पूरे परिवार के साथ-साथ न्यायिक प्रक्रिया में भी हलचल मच गई।

    परिवार के आरोप और आगे की लड़ाई

    ट्विशा के परिवार ने आरोप लगाया है कि उनकी मौत सामान्य नहीं थी। परिवार का संदेह है कि इसमें पति समर्थ सिंह और सास की भूमिका हो सकती है। इसी आधार पर परिवार निरंतर निष्पक्ष जांच और पुनः पोस्टमॉर्टम की मांग करता रहा। अब हाई कोर्ट के आदेश के बाद मामला निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है। AIIMS की टीम की रिपोर्ट और संभावित सीबीआई जांच इस रहस्यमयी मौत के कारणों को उजागर करने में अहम भूमिका निभाएंगी। परिवार न्याय की उम्मीद लेकर लड़ाई जारी रखे हुए है।

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