अभिनेता इंद्रंस, जो पिछले कई वर्षों से फिल्म इंडस्ट्री में अपना अलग मुकाम बनाए हुए हैं, ने हाल ही में अपनी आगामी तमिल फिल्म ‘करुप्पु’ के अनुभवों को साझा किया। उन्होंने इस प्रोजेक्ट में काम करने को लेकर अपने मन में उत्पन्न हुई शंकाओं को कैसे दूर किया, इस बारे में खुलासा किया।
इंद्रंस ने बताया कि जब उन्होंने ‘करुप्पु’ के लिए साइन किया, तो तमिल भाषा में काम करने को लेकर उनके मन में भय था। उन्होंने यह भी माना कि तमिल फिल्म इंडस्ट्री उनके लिए एक नई चुनौती थी, खासकर भाषा की बाधा के कारण। लेकिन अभिनेता आरजे बालाजी की मदद और प्रोत्साहन से वे अपनी चिंताओं को मिटा पाए।
इंद्रंस ने आरजे बालाजी की तारीफ करते हुए कहा, “बालाजी जी ने जिस सकारात्मकता और धैर्य का परिचय दिया, वह मेरे लिए बेहद सहायक रहा। उन्होंने मुझे लगातार बताया कि भाषा सीखना और उसमें सुधार करना मुश्किल नहीं है यदि आप प्रयास करें। उनका उत्साह मेरे लिए प्रेरणादायक था।”
इसके अलावा, इंद्रंस ने अपने अनुभव साझा किए कि ‘करुप्पु’ में काम करते हुए उन्होंने कैसे अभिनेत्री सूरिया के साथ काम किया। उन्होंने कहा कि सूरिया का काम करने का तरीका और सेट पर उनका पेशेवर रवैया बेहद प्रभावशाली था, जिससे उन्होंने काफी कुछ सीखने को मिला।
इंद्रंस का यह भी मानना है कि भाषा की सीमाएं उनके अभिनय की बाधा नहीं बननी चाहिए। उन्होंने बताया, “यह फिल्म मेरी क्षमता को आगे बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। मैं लगातार तमिल भाषा सीखता रहा और मेरी टीम ने भी इसमें सहयोग दिया।”
‘करुप्पु’ के सेट पर कलाकारों और तकनीशियनों के बीच एक अच्छा सहयोग देखने को मिला, जिसके कारण यह फिल्म सफल और प्रभावशाली बनने की पूरी संभावना रखती है। इंद्रंस के अनुभव यह दर्शाते हैं कि चाहे भाषा कोई भी हो, कलाकार की प्रतिबद्धता और समर्पण ही उसे सफलता दिलाते हैं।
अंत में इंद्रंस ने सभी दर्शकों से ‘करुप्पु’ के प्रति उम्मीद और समर्थन बनाए रखने की अपील की। उनकी यह कहानी उन सभी कलाकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत है जो नई भाषाओं और भूमिकाओं को लेकर अनिश्चितताओं का सामना करते हैं। कलाकारों के इस समर्पण ने तमिल फिल्म इंडस्ट्री में उनके लिए एक अलग पहचान बनाई है।

