महाराष्ट्र के जलगांव में शरद पवार गुट का विशाल प्रदर्शन, सरकारी वाहन रोके गए

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    जलगांव। नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी के शरद पवार गुट के कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय के मुख्य द्वार पर जोरदार और प्रभावी प्रदर्शन किया है। इस प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने सरकारी गाड़ियों को रोककर वहां की आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी, जिससे प्रशासनिक क्षेत्र में काफी अव्यवस्था उत्पन्न हो गई। इस कारण वहां उपस्थित आम जनता को भी कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ा।

    यह आंदोलन किसानों की समस्याओं को लेकर शुरू किया गया है, जिसमें मुख्य रूप से 25 प्रतिशत डीजल आरक्षण की मांग प्रमुख है। शरद पवार गुट के कार्यकर्ता हर तालुका स्तर पर इस मांग को लेकर आक्रामक तेवर दिखा रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान जिलाधिकारी कार्यालय के द्वार पर सरकारी वाहनों को सीमेंट कर दिया गया और सरकार के खिलाफ जमकर नारे लगाए गए।

    प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया है कि वे जिलाधिकारी कार्यालय के किसी भी अधिकारी की गाड़ी को बाहर निकलने की अनुमति नहीं देंगे। इस वजह से अनेक सरकारी वाहन कार्यालय के परिसर में फंसे हुए हैं। पवार गुट के नेताओं का कहना है कि चाहे समय कितना भी लगे, वे जिलाधिकारी व अन्य अधिकारियों को सरकारी गाड़ियों के जरिए कार्यालय से घर वापस नहीं जाने देंगे।

    जिला अध्यक्ष ने भी कड़ा रूख अपनाते हुए चेतावनी दी है कि अगले दिन से पूरे जिले में हर तालुका स्तर पर सरकारी वाहनों को रोका जाएगा। उन्होंने कहा कि अब सरकारी अधिकारी और मंत्री भी गाड़ियों में घूमकर बिना किसी रोक-टोक के नहीं रह पाएंगे।

    इस आंदोलन से जलगांव प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। हालांकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण बना हुआ है लेकिन प्रदर्शनकारियों के आक्रामक व्यवहार के कारण प्रशासन पूरी सतर्कता बरत रहा है।

    यह आंदोलन विशेष रूप से किसानों की समस्याओं को उजागर करने और उन्हें डीजल की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करवाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। शरद पवार गुट के नेताओं का यह भी कहना है कि जब तक उनकी मांगों को सरकार नहीं स्वीकार करती, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा।

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