अखिलेश यादव प्रतीक यादव के निधन से हुए शोकाकुल, बोले- कानून और परिवार का फैसला मानेंगे

Rashtrabaan

    लखनऊ। समाजवादी पार्टी के प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव के निधन ने यादव परिवार और पार्टी के कार्यकर्ताओं को गहरे दुःख में डाल दिया है। प्रतीक यादव का बुधवार को निधन हो गया, जिसके बाद अखिलेश यादव लखनऊ के पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे और वहां काफी देर तक रुके। परिवार और पार्टी के सभी सदस्यों में शोक की गाढ़ी छाया फैली हुई है।

    अखिलेश यादव ने मीडिया से बातचीत में अपने छोटे भाई प्रतीक यादव से हुई अंतिम मुलाकात को याद करते हुए कहा कि वे करीब दो महीने पहले मिले थे और उन्होंने प्रतीक को अपने स्वास्थ्य का खास ध्यान रखने की सलाह दी थी। उन्होंने बताया, “मैंने उनसे कहा था कि वे अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें और अपने व्यवसाय को संजोएं। कारोबार में नुकसान से मनोबल टूटना स्वाभाविक है, लेकिन सकारात्मक रहना जरूरी है।”

    अपने छोटे भाई की याद में उन्होंने कहा, “मैंने प्रतीक को बचपन से जाना है और यह बेहद दुःखद है कि वह अब हमारे बीच नहीं रहे। वे जीवन में आगे बढ़ना चाहते थे और परिवार के लिए हमेशा समर्पित रहे। उनका जाना हम सभी के लिए एक बड़ा आघात है।”

    मृत्यु के कारणों को लेकर जब सवाल किया गया तो अखिलेश यादव ने संवेदनशीलता दिखाते हुए कहा कि परिवार और कानून जो भी निर्णय करेगा, हम उसे मानेंगे। उन्होंने कहा, “कानून और परिवार के निर्णय को हम स्वीकार करेंगे और पूरी तरह से कानूनी प्रक्रिया का पालन करेंगे।”

    वहीं, सैफई के यादव परिवार के पैतृक आवास की स्थिति भी बेहद शांतिपूर्ण है। परिवार के ज्यादातर सदस्य लखनऊ के लिए रवाना हो चुके हैं। इटावा और सैफई के इलाकों में भी शोक का माहौल पसरा हुआ है। प्रतीक यादव का शव पोस्टमॉर्टम के लिए केजीएमयू लखनऊ लाया गया है।

    राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान भी निधन के बाद प्रतीक यादव के आवास पर पहुंचीं और उन्होंने परिवार को सांत्वना दी। उन्होंने कहा, “यह एक बहुत ही दुखद घटना है। मेरी प्रार्थना है कि ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें और परिवार को इस कठिन समय में सहनशीलता दे।”

    प्रतिष्ठित परिवार के सदस्य और समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के बेटे प्रतीक यादव का यह इंतकाल राजनीतिक और सामाजिक जगत में दुःख का कारण बना है। पार्टी और परिवार के सदस्यों की संवेदनाएं इस कठिन घड़ी में उनके साथ हैं।

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