लखनऊ। मुलायम सिंह यादव के पुत्र और भाजपा नेता अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव का लखनऊ के सिविल अस्पताल में निधन हो गया। उनकी आकस्मिक मौत ने राजनीतिक दलों में गहरा सदमा और चिंता उत्पन्न कर दी है। खासकर समाजवादी पार्टी के नेताओं ने इस घटना की तह तक जांच की मांग की है और इसे संदिग्ध परिस्थितियों से जोड़ते हुए साजिश की आशंका जाहिर की है।
समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता शौकत अली ने एक संवाददाता से बातचीत में कहा कि प्रतीक यादव का निधन न केवल उनके परिवार के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए एक बड़ी क्षति है। उन्होंने कहा, “हम एक युवा और बहुत ही सक्रिय समाजसेवी को खो चुके हैं। ऐसी परिस्थिति में यह आवश्यक है कि मौत के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच हो।”
उन्होंने आगे बताया, “प्रतीक यादव के निधन को लेकर कोई भी भ्रांत या अफवाह न फैले, इसके लिए जांच का होना जरूरी है ताकि सच्चाई सामने आ सके। हम चाहते हैं कि नियमानुसार कानूनी प्रक्रिया पूरी हो और जो भी दोषी होंगे, उन्हें सजा मिले।”
वहीं, समाजवादी पार्टी के दूसरे प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने कहा कि उनकी पार्टी के नेता उच्च स्तर पर पोस्टमार्टम हाउस में मौजूद हैं और पूरी घटना की गंभीरता से जांच कराई जा रही है। उन्होंने कहा, “हमें सुबह ही पता चला कि प्रतीक यादव को अस्पताल लाया गया था और वे वहां ही अपनी आखिरी सांसें गए। यह हमारे लिए बहुत दुखद क्षण है।”
समाजवादी पार्टी के एक कार्यकर्ता ने भी अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि घर पर इस खबर को सुनकर जैसे सभी सदमे में आ गए थे। उन्होंने आग्रह किया कि सरकार इस मामले को गम्भीरता से लेते हुए पूरी पारदर्शिता के साथ जांच कराए ताकि मृत्युदर असमंजस की स्थिति समाप्त हो सके।
इससे पहले, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव खुद केजीएमयू पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे, जहाँ प्रतीक यादव का पोस्टमार्टम चल रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “प्रतीक यादव का जातक दुर्भाग्यपूर्ण एवं दुखद निधन हमारे लिए अपूरणीय क्षति है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे और परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति दे।”
हालांकि अभी तक प्रतीक यादव के निधन के कारणों का आधिकारिक विवरण जारी नहीं किया गया है, परन्तु समाजवादी पार्टी के नेताओं ने स्पष्ट किया है कि वे इस मामले में पूरी कोशिश करेंगे कि न्याय मिले और घटना की हर पहलू की जांच हो। वे आशंका जता रहे हैं कि कहीं यह साधारण दुर्घटना न होकर कोई साजिश तो नहीं है, जिस पर निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है।
वर्तमान में प्रतीक यादव के परिवार और राजनीति जगत में शोक का माहौल है। उनके निधन ने एक बार फिर से राजनीतिक दलों के बीच विवाद को जन्म दिया है, जो इस मामले की जांच को और भी जरूरी बनाता है ताकि सार्वजनिक विश्वास कायम रह सके।

