कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के नेतृत्व में चल रही भारत जोड़ो यात्रा पंजाब में एक नए मोड़ पर आ गई है। यात्रा के दौरान उन्होंने सोमवार को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार पर तीखा हमला किया और इसे ‘‘रिमोट कंट्रोल की सरकार’’ बताया। राहुल गांधी का आरोप है कि पंजाब सरकार असल में आम आदमी पार्टी (AAP) और बीजेपी (BJP) के दबाव में काम कर रही है, जिससे राज्य के हितों को नुकसान हो रहा है।
राहुल गांधी ने कहा कि पंजाब की जनता को अपने चुने हुए प्रतिनिधियों पर भरोसा करना चाहिए और बाहरी प्रभावों से दूर रहना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से मुख्यमंत्री भगवंत मान को सलाह दी कि वे अरविंद केजरीवाल या अन्य किसी के कहने पर न चलें, बल्कि पंजाब के लोगों के हितों को सर्वोपरि रखें। राहुल गांधी का यह बयान भारतीय राजनीति में एक नई बहस को जन्म दे रहा है, जहां पंजाब की स्थानीय सरकार के फैसलों को केंद्र सरकार और अन्य दलों के हस्तक्षेप की छाया में देखा जा रहा है।
भारत जोड़ो यात्रा के माध्यम से कांग्रेस पार्टी देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने का संदेश दे रही है। पंजाब में इस यात्रा का उद्देश्य न केवल सामाजिक एकता को बढ़ावा देना है, बल्कि स्थानीय राजनीतिक मुद्दों को भी केंद्रित करना है। राहुल गांधी ने इस दौरान आम आदमी पार्टी की योजनाओं और नीतियों पर सवाल उठाए और कहा कि पंजाब के विकास के लिए स्थिर और प्रभावी सरकार की जरूरत है, जिसे कोई बाहरी शक्तियां नियंत्रित न कर सकें।
साथ ही, भाजपा पर भी राहुल गांधी ने कटाक्ष किया कि वह पंजाब की राजनीति में दखलअंदाजी कर रही है, जिसका नुकसान सीधे राज्य की जनता को हो रहा है। इस यात्रा को लेकर पंजाब के लोग भी उत्साहित नजर आ रहे हैं, जो बदलाव की उम्मीद लेकर आए हैं। राहुल गांधी ने सभी पक्षों से संवाद का आह्वान करते हुए कहा कि केवल एकजुट होकर ही देश और प्रदेश के भविष्य को मजबूत किया जा सकता है।
भारतीय राजनीति में अक्सर पंजाब की स्थिति नाजुक मानी जाती रही है, और वर्तमान यात्रा इसी संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए चल रही है। राहुल गांधी के यह बयान स्थानीय सत्ता और केन्द्र के बीच संबंधों की जटिलताओं को उजागर करते हैं। अब देखने वाली बात यह है कि भगवंत मान सरकार इस सलाह को किस प्रकार स्वीकारती है और अपने निर्णयों में कितनी स्वायत्तता दिखाती है। भारत जोड़ो यात्रा ने पंजाब में राजनीतिक गहमागहमी को बढ़ा दिया है और आने वाले समय में राजनीति में भी इसका व्यापक असर नजर आ सकता है।

