रायपुर/दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में घरेलू रसोई गैस सिलेंडर के धमाके से एक ही परिवार के चार लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई है। इस हादसे में एक डेढ़ साल की मासूम बच्ची भी शामिल है। यह दुर्घटना कुम्हारी क्षेत्र के वार्ड नंबर चार में हुई, जिसने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक विस्फोट मकान के अंदर अचानक हुआ, जिस कारण तेज धमाका हुआ और घर में भीषण आग लग गई। घटना के तुरंत बाद आसपास के लोग सहारा देने पहुंचे, लेकिन आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि वे अंदर जाकर किसी की मदद नहीं कर सके। आग इतनी तेजी से फैल गई कि घर में रह रहे चारों सदस्य बाहर निकलने में असमर्थ रहे।
मृतकों की पहचान 45 वर्षीय अनिल वैष्णव, 18 वर्षीय वैष्णव, 20 वर्षीय लक्ष्मी वैष्णव और डेढ़ साल की बच्ची गोपिका के रूप में हुई है। स्थानीय प्रशासन ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल दल मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का कार्य किया। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और अब विस्फोट के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि सिलेंडर या गैस कनेक्शन में कोई तकनीकी खामी तो नहीं थी।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के लिए 5 लाख रुपए की अतिरिक्त सहायता देने की घोषणा की है, जो कि सरकारी नियमों द्वारा मिलने वाले 4 लाख रुपए से अलग होगी। उन्होंने प्रभावित परिवारों के लिए आवास और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की बात भी कही और घटना की विस्तार से जांच के आदेश दिए।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव और सांसद विजय बघेल ने भी इस पीड़ा को साझा किया तथा मौके का दौरा कर परिवारों को सांत्वना दी। प्रशासनिक अधिकारी भी घटना स्थल पर पहुंच कर स्थिति का जायजा ले रहे हैं।
पूरा क्षेत्र इस दर्दनाक हादसे से सदमे में है और स्थानीय लोग भी परिवार के प्रति सहानुभूति जता रहे हैं। सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करने तथा संभावित खतरों से सतर्क रहने की अपील की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। इस घटना ने एक बार फिर घरेलू गैस उपयोग की सावधानियों और जरूरी सुरक्षा उपायों की जरूरत पर ध्यान केंद्रित किया है।

