अनिल आर मोहन की नई सिचुएशनल कॉमेडी फिल्म ने दर्शकों के बीच हल्की-फुल्की मनोरंजन तो प्रदान की है, लेकिन इसे सच्चे मायनों में एक खुशी प्रदान करने वाले विद्रोह के रूप में अपेक्षित स्तर तक पहुंचने से रोकता है। फिल्म के कथानक और प्रस्तुति में कई ऐसे पहलू हैं जो इसे एक व्यावसायिक कॉमेडी के रूप में सीमित रखते हैं, जबकि इसके पास असामान्य पात्रों और परिस्थितियों के जरिए पारिवारिक मूल्यों को चुनौती देने का अवसर था।
फिल्म में प्रमुख भूमिका निभाने वाले कलाकारों ने अपनी भूमिकाएँ पूरी ईमानदारी के साथ निभाई हैं और उनके अभिनय में प्रयास देखने को मिलता है, लेकिन पटकथा की कमजोरियाँ और दिशा निर्देशन का अभाव उनकी मेहनत को पूरी तरह प्रभावी नहीं बनने देता। फिल्म का प्राथमिक आकर्षण इसके हास्य तत्व हैं, जो ज्यादातर समय तटस्थ विषय वस्तु पर टिके रहे और एक सतही स्तर पर ही मनोरंजन प्रदान करते रहे।
सामाजिक और पारिवारिक मुद्दों को हल्के-फुल्के अंदाज में प्रस्तुत करने का जो प्रयास फिल्म में किया गया है, वह कहीं-कहीं स्पष्ट संदेश पहुँचाने में असफल रहता है। यह दर्शाता है कि फिल्मकार ने विषय की गहराई में जाने का प्रयास कम ही किया है, जिससे फिल्म एक सतही और सीमित प्रस्तुति में ही रह गई। ऐसे में, दर्शकों को ज़्यादा उम्मीदें न बंधाएं तो बेहतर होगा।
हालांकि, फिल्म की कुछ हास्य सीन और संवाद समय-समय पर हंसी का कारण बनते हैं, लेकिन वे भी किसी बड़े प्रभाव को जन्म देने में अक्षम हैं। नीतू कपूर और कपिल शर्मा का सम्मिलित प्रयास फिल्म को चलाए रखने का एक सकारात्मक पहलू माना जा सकता है, फिर भी यह फिल्म एक पूर्णतः संतोषजनक अनुभव प्रदान करने में असफल रहती है।
फिल्म की कहानी पारिवारिक मूल्यों और परंपराओं को हल्के-फुल्के समाधानों के साथ चुनौती देती दिखाई देती है, लेकिन इस चुनौती का स्वर ऐसा रहता है कि वह दर्शकों के मन में स्थायी छाप छोड़ने में समर्थ नहीं होती। इस प्रकार, यह सिचुएशनल कॉमेडी एक असली खुशी देने वाले विद्रोह की तरह नहीं, बल्कि पारंपरिक कॉमेडी का ही एक संस्करण प्रतीत होती है।
संक्षेप में कहा जाए तो, “Daadi Ki Shaadi” एक मध्यम स्तर की कॉमेडी फिल्म है, जो मनोरंजन का अवसर देती है लेकिन गहरी भावनाओं और सार्थक संदेश देने में पिछड़ती है। अगर दर्शक हल्के-फुल्के मनोरंजन की तलाश में हैं, तो यह फिल्म उनके लिए सूट कर सकती है, परंतु जो सिनेप्रेमी कुछ अलग और गहराई चाहते हैं, उन्हें इससे निराशा हो सकती है।

