मध्यप्रदेश के धार जिले में बुधवार रात हुए भयानक सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को एक बार फिर सड़क सुरक्षा के प्रति गंभीर चिंतन करने पर मजबूर कर दिया है। चिकलिया फाटा के पास मजदूरों से भरी पिकअप के पलटने से 16 लोगों की जान चली गई, जिनमें 6 बच्चे शामिल हैं। यह दुखद हादसा उस जगह का मंजर था जहां आर्थिक मजबूरियों और सुरक्षा के अभाव ने कई परिवारों को बर्बाद कर दिया।
जानकारी के अनुसार, यह हादसा रात 8:30 बजे लगभग इंदौर-अहमदाबाद नेशनल हाईवे पर हुआ। पिकअप वाहन में निर्धारित क्षमता से कई गुना अधिक लगभग 40 से 50 मजदूर सवार थे। अचानक वाहन के टायर फटने के कारण ड्राइवर का नियंत्रण खत्म हो गया, जिससे वाहन डिवाइडर पार कर दूसरी लेन में पहुंचा और सामने से आ रही स्कॉर्पियो से टकरा गया। टक्कर इतनी तेज थी कि पिकअप कई बार पलटी, जिसके कारण अनेक मजदूर मौके पर ही शहीद हो गए जबकि अन्य गंभीर रूप से घायल हुये।
ओवरलोडिंग और तेज़ रफ्तार ही हादसे की मुख्य वजह
प्रारंभिक जांचों में सामने आया कि ओवरलोडिंग के साथ-साथ तेज गति हादसे की सबसे बड़ी वजह रही। ग्रामीण इलाकों में मजदूरों को एक साथ ले जाने के लिए अक्सर पिकअप जैसी वाहन उपयोग में लिए जाते हैं, लेकिन सुरक्षा नियमों का ठीक से पालन नहीं किया जाता। इस मामले में भी वाहन की क्षमता से दोगुने लोग सवार थे, जिससे वाहन का संतुलन बिगड़ गया और हादसा हुआ।
प्रशासन का तत्काल राहत कार्य
हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य तुरंत शुरू किया। घायल 13 मजदूरों में से गंभीर रूप से घायल 7 को इंदौर रेफर किया गया है, जबकि बाकी का इलाज धार और आसपास के अस्पतालों में किया जा रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि कई घायलों को सिर और शरीर में गंभीर चोटें आई हैं, जिनके इलाज के लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है।
प्रधानमंत्री मोदी ने जताया शोक और सहायता का ऐलान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दुखद दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया और मृतकों के परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदना जताई। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से प्रत्येक मृतक को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी तथा घायलों के इलाज के लिए 50-50 हजार रुपये सहायता राशि मंजूर की गई है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने व्यक्त की संवेदनाएं
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस दुखद घटना पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए कहा कि

