मैनपुरी से आई नवीनतम जानकारी के अनुसार, यूपी की राजनीति फिर एक बार गरमा रही है क्योंकि समाजवादी पार्टी (सपा) की सांसद डिंपल यादव ने आगामी 2027 विधानसभा चुनाव से संबंधित महत्वपूर्ण मांग उठाई है। उन्होंने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर मतगणना के दिन पूरे चुनाव प्रक्रिया की लाइव कवरेज करने की मांग की है। उनका कहना है कि आज के डिजिटल और तकनीकी युग में ऐसी पारदर्शिता आवश्यक है जिससे चुनावी प्रक्रिया में विश्वास बनाए रखा जा सके।
डिंपल यादव ने मैनपुरी में संवाददाताओं से कहा कि सपा के नेता और कार्यकर्ता चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने हाल ही में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और तृणमूल कांग्रेस की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच हुई मुलाकात का स्मरण करते हुए बताया कि दोनों पार्टियों के संबंध हमेशा सकारात्मक रहे हैं। इसी कड़ी में उन्होंने कहा कि मतगणना के दौरान लाइव स्ट्रीमिंग बेहद जरूरी है, ठीक वैसे ही जैसे अब यूट्यूब और सोशल मीडिया पर लाइव प्रसारण होता है। इससे न सिर्फ मतगणना की पारदर्शिता बनी रहेगी, बल्कि किसी भी अनुचित घटना का दुरुपयोग भी रुक सकेगा।
डिंपल यादव ने उदाहरण देते हुए बताया कि पहले चंडीगढ़ में हुई घटनाओं के समय लाइव फुटेज के खुलासे से कई अनियमितताएं सामने आई थीं, जिसके कारण वे यूपी में भी मतगणना के दिन इसी तरह की लाइव कवरेज की मांग करती हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भले ही चुनाव आयोग से उम्मीद कम हो, लेकिन यह मांग न्यायसंगत और लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक है।
उन्होंने आगे बताया कि चुनाव के दौरान उत्तर प्रदेश में सुरक्षा मामलों को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं और बूथ एजेंटों को धमकाया जाता है ताकि वे अपना काम प्रभावी ढंग से नहीं कर सकें। डिंपल यादव का कहना है कि जिस तरह बंगाल में सत्ता हासिल करने के लिए बाहरी ताकतें और दबाव बनाए गए, ठीक उसी तरह उत्तर प्रदेश में भी प्रयास हो रहे हैं। ऐसी स्थिति में लाइव कवरेज से इन सभी गतिविधियों पर नजर रखी जा सकती है।
सपा सांसद ने भाजपा की विचारधारा पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि भाजपा केवल अपनी विचारधारा को मानती है और अन्य विचारधाराओं का समर्थन या सम्मान नहीं करती। उन्होंने कहा कि बंगाल में स्वामी विवेकानंद की तस्वीरों पर भाजपा के समर्थक तिलक लगाकर धार्मिक भावनाओं का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं जो समाज को बांटने वाला है।
2027 विधानसभा चुनाव के संदर्भ में डिंपल यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी प्रगतिशील डेमोक्रेटिक अलायंस (पीडीए) के साथ चल रही है और देश की आधी आबादी को लेकर चुनाव की रणनीति बना रही है। यूपी की वर्तमान कानून-व्यवस्था पर भी उन्होंने सवाल उठाए और आरोप लगाया कि अपराध में वृद्धि हुई है तथा पुलिस अलग-अलग इलाकों में आम लोगों को परेशान कर रही है। उन्होंने उत्तराखंड व मणिपुर जैसे स्थानों में घटित आपराधिक घटनाओं का उदाहरण देते हुए महिलाओं की सुरक्षा पर सरकारों की अकर्मण्यता की आलोचना की।
डिंपल यादव ने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव का भी उल्लेख करते हुए बताया कि वहां किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिला है, ऐसे में राज्यपाल की भूमिका अहम हो जाती है जो सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने का न्यौता देते हैं।
इस पूरे परिप्रेक्ष्य में डिंपल यादव की मांग और बयान यूपी की आगामी राजनीतिक लड़ाई में महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकते हैं। चुनाव की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग को इस मांग पर गंभीरता से विचार करना होगा ताकि लोकतंत्र और जन विश्वास दोनों कायम रह सकें।

