अयुष्य्मान खुराना की नई फिल्म ‘पति पत्नी और वो दो’ एक हास्यप्रधान व्यंग्य है जो पारिवारिक जीवन की जटिलताओं और समस्याओं को बेहद व्यंग्यात्मक अंदाज में प्रस्तुत करती है। यह फिल्म दर्शकों को हँसाने के साथ-साथ सोचने पर मजबूर करती है कि जब संबंधों में अत्यधिक तनाव और गलतफहमियां बढ़ जाती हैं तो क्या हालात बन जाते हैं।
फिल्म की कहानी एक पारंपरिक महिला – पुरुष के रिश्ते के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसमें नियुक्तियाँ, तकरार, और अचानक उत्पन्न हुई परिस्थिति कॉमेडी के तड़के लगाती हैं। अयुष्य्मान खुराना ने इस फिल्म में मुख्य भूमिका निभाई है, जिनका प्रदर्शन देखने लायक है और जो कहानी के हास्य तत्वों को सफलतापूर्वक दर्शाने में सक्षम हुए हैं।
फिल्म में संवादों और दृश्य विन्यास के माध्यम से यथार्थ और अतिरंजना का संतुलन बनाए रखने का प्रयास किया गया है। हालांकि यह बात नजर आती है कि कहीं-कहीं फिल्म अत्यधिक हास्यक और अतिशयोक्ति में चली गई है, जिससे कहानी की प्रभावशीलता कुछ हद तक कम हो गई है। दर्शकों को ऐसा अनुभव हो सकता है कि फिल्म में मुद्दों की गहराई के बजाय केवल मनोरंजन को प्राथमिकता दी गई है।
फिल्म का निर्देशन ऐसा लगता है मानो पटकथा में कई चीजें तब तक शामिल कर दी गई हों जब तक कहानी का मूल सार खो न जाए। कहीं-कहीं अष्टपैलू कॉमेडी और अत्यधिक घटनाक्रम कहानी को बोझिल बना देते हैं। फिर भी, फिल्म का संगीत और कुछ छोटे परिश्रमपूर्ण दृश्यों का अंतर्निहित प्रभाव दर्शकों को बांधे रखने में मदद करता है।
अंततः ‘पति पत्नी और वो दो’ एक ऐसी फिल्म है जो पारिवारिक और वैवाहिक जीवन की वास्तविकताओं को हास्य रूप में दिखाने का प्रयास करती है, परंतु इसकी अत्यधिकता इसे गंभीर समीक्षा के घेरे में डालती है। यदि आप हल्की-फुल्की कॉमेडी पसंद करते हैं और जीवन के व्यंग्यात्मक पहलुओं को जानना चाहते हैं, तो यह फिल्म आपके लिए मनोरंजक साबित हो सकती है।

