नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश को जल्द ही तीसरा इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम मिलने वाला है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को गोरखपुर इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम की आधारशिला रखेंगे। इस स्टेडियम का निर्माण 393 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा, जो तमाम आधुनिक और उच्च तकनीक से लैस होगा। प्रदेश में खेल के विकास के लिए एक अहम कदम माना जा रहा यह प्रोजेक्ट गोरखपुर के लिए गर्व का विषय होगा।
गोरखपुर इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण 46 एकड़ में होगा और इसकी दर्शक क्षमता 30 हजार से अधिक होगी। स्टेडियम के पूर्वी और पश्चिमी स्टैंड में समान रूप से 14,490 दर्शकों के बैठने की व्यवस्था होगी, जिससे मैच देखते समय सभी को स्पष्ट और सहज दृश्यता मिलेगी। यह निर्माण कार्य दिसंबर 2027 तक पूरा होने का लक्ष्य है।
स्टेडियम का डिज़ाइन ‘ग्राउंड प्लस टू फ्लोर’ के आधार पर होगा, जिसमें कुल सात प्लेइंग पिच और चार प्रैक्टिस पिच बनाई जाएंगी। नॉर्थ पवेलियन में 208 वीआईपी सीटों की सुविधा होगी तो मीडिया कर्मियों के लिए 382 सीटें अलग से आरक्षित की जाएंगी। वहीं, साउथ पवेलियन में वीवीआईपी और वीआईपी के लिए 1708 सीटें विशेष रूप से तैयार की जाएंगी।
अंतरराष्ट्रीय स्तर के मैचों के लिए यहाँ चार हाई मास्ट लाइटें लगाई जाएंगी, जिससे रात में भी मैचों का आयोजन हो सकेगा। यह स्टेडियम न केवल क्रिकेट बल्कि अन्य खेलों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए भी उपयुक्त होगा। गोरखपुर एयरपोर्ट से स्टेडियम की दूरी 24 किलोमीटर और रेलवे स्टेशन से लगभग 20 किलोमीटर है, जिससे कनेक्टिविटी भी बेहतरीन होगी। इसके अलावा यह गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन राजमार्ग से जुड़ा होगा, जो आने-जाने में आसानी प्रदान करेगा।
उत्तर प्रदेश में कानपुर का ग्रीन पार्क और लखनऊ का इकाना स्टेडियम पहले से ही अंतरराष्ट्रीय मैचों की मेजबानी करते आ रहे हैं। गोरखपुर का नया स्टेडियम इन्हीं की श्रेणी में शामिल होगा और आने वाले समय में प्रदेश में क्रिकेट के प्रसार को और मजबूत करेगा। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के लिए इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने 60 करोड़, भारत पेट्रोलियम ने 30 करोड़ और हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने 10 करोड़ रुपये के CSR फंड से सहयोग दिया है। कुल मिलाकर 100 करोड़ रुपये की राशि स्टेडियम के निर्माण के लिए उपलब्ध कराई जाएगी।
इस स्टेडियम के बनने से न केवल गोरखपुर की खेल परिदृश्य में वृद्धि होगी, बल्कि स्थानीय युवाओं को खेल के क्षेत्र में नए अवसर भी मिलेंगे। योगी सरकार का यह कदम प्रदेश में खेलों को समुचित पहचान दिलाने और बेहतर सुविधाएं प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा।

