सनराइजर्स हैदराबाद (एसआरएच) के बल्लेबाजी क्रम में अपनी अहम भूमिका निभा रहे हेनरिक क्लासेन की तारीफ करते हुए टीम के गेंदबाजी कोच आरोन ने उन्हें ‘फुल्क्रम’ बताया है। आरोन ने खुलासा किया कि क्लासेन के बीच के क्रम में सहज ढंग से ढलने की क्षमता से टीम को काफी मजबूती मिली है।
एसआरएच के लिए पिछली कुछ पारियों में क्लासेन ने अपनी जिम्मेदारी समझते हुए खेल को नियंत्रण में रखा है। आरोन ने कहा कि टीम ने जिस तरह से मध्यक्रम में खिलाड़ियों को रोल निभाते देखा है, उससे उनकी प्लानिंग में नई ऊर्जा आई है। हेनरिक जैसे बल्लेबाज जो दबाव के समय भी स्थिति के अनुसार खुद को ढाल सकते हैं, किसी भी टीम के लिए एक बड़ी उपलब्धि होती है।
कोच आरोन ने और विस्तार से बताया कि क्लासेन के खेल में तकनीकी बदलाव और मानसिक मजबूती ने उन्हें सीमित ओवरों के क्रिकेट में खास बनाया है। उन्होंने कहा, “हेनरिक का वह तरीका जो वह अपनाता है, वह हमारे लिए बहुत जरूरी है। जब टीम गति बनाना चाहती है या मैच को ठोस आधार देना होता है, तब उनका योगदान सर्वाधिक महत्वपूर्ण होता है।”
मौजूदा आईपीएल सीजन में, टीम के मध्यक्रम बल्लेबाजों ने न केवल पारी को संभाला है बल्कि गेंदबाजों को भी पर्याप्त राहत दी है। हेनरिक क्लासेन के अलावा अन्य खिलाड़ियों ने भी निरंतर श्रेष्ठ प्रदर्शन किया है, जिससे टीम की संभावनाएं बढ़ी हैं।
आगे आरोन ने बताया कि एसआरएच के एक्स-फैक्टर खिलाड़ी पेस गेंदबाजों ने भी उम्दा काम किया है। टीम ने सही समय पर विकेटों के लिए कोशिशें की हैं और विपक्षी बल्लेबाजों को दबाव में रखा है। यह संतुलन ही टीम को कई अहम मुकाबलों में जीत दिलाने में कारगर साबित हुआ है।
अगर एसआरएच इस तरह से निरंतरता बनाए रखती है, तो आईपीएल के आगामी मुकाबलों में वे लालचंदरे के लिए भी विकल्प बन सकते हैं। आरोन का मानना है कि टीम का यह विविध और मजबूत संयोजन उन्हें चैंपियनशिप की दौड़ में बनाए रखेगा।
संक्षेप में कहा जाए तो हेनरिक क्लासेन के रूप में मध्यक्रम को मिली मजबूती और गेंदबाजी आक्रमण का प्रभावी होना सनराइजर्स हैदराबाद को एक व्यवस्थित टीम बनाता है। दर्शकों और प्रशंसकों की उम्मीदें अब इस टीम से बढ़ गई हैं कि वे आगामी खेलों में बेहतर प्रदर्शन करेंगे और संभावित ट्रॉफी का दावेदार बनकर उभरेंगे।

