जबलपुर हाईकोर्ट ने केवलारी दोहरा हत्याकांड की आरोपी गायत्री ठाकुर की जमानत याचिका की खारिज

17 मई 2025 को देर रात्रि उक्त दोनों युवकों की चाकू से गोद कर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। जिसका आरोप केवलारी निवासी कमल ठाकुर, उसकी पत्नी गायत्री ठाकुर उसका लड़का, लड़की एवं एक अन्य रिश्तेदार पर हैं।

Rashtrabaan
1

सिवनी, राष्ट्रबाण।
जबलपुर हाईकोर्ट ने 4 जुलाई 2025 को केवलारी, जिला सिवनी में हुए केवलारी दोहरा हत्याकांड की आरोपी गायत्री ठाकुर की जमानत याचिका को खारिज कर दिया। न्यायमूर्ति अनुराधा शुक्ला की एकल पीठ ने सुनवाई करते हुए यह निर्णय दिया। गायत्री ठाकुर पर ग्राम पारसपानी, तहसील केवलारी के निवासी अमन बघेल एवं रूपक बघेल की चाकू से बेरहमी से हत्या करने का गंभीर आरोप है।


केवलारी दोहरा हत्याकांड की घटना और आरोपीगण

17 मई 2025 की देर रात यह दोहरा हत्याकांड हुआ था, जिसमें अमन और रूपक बघेल की चाकू से गोदकर निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस मामले में केवलारी निवासी कमल ठाकुर, उसकी पत्नी गायत्री ठाकुर, उनका बेटा, बेटी और एक अन्य रिश्तेदार को आरोपी बनाया गया है।


पहले भी खारिज हो चुकी है जमानत याचिका

इससे पूर्व 11 जून 2025 को जिला सत्र न्यायालय सिवनी ने भी गायत्री ठाकुर की जमानत याचिका को खारिज कर दिया था। इसके बाद आरोपी पक्ष ने उच्च न्यायालय का रुख किया था।


गंभीर बीमारी का हवाला, लेकिन कोर्ट ने नहीं मानी दलील

गायत्री ठाकुर के अधिवक्ता ने अदालत में यह दलील दी कि वह हृदय रोग से पीड़ित हैं और उन्हें उपचार के लिए जमानत दी जानी चाहिए। लेकिन मृतकों के परिजनों की ओर से अधिवक्ता विशाल सिंह बघेल और उनकी टीम ने विरोध जताते हुए कहा कि यह बीमारी इतनी गंभीर नहीं है कि उसका उपचार शासकीय अस्पतालों में न हो सके।

उन्होंने यह भी कहा कि आरोपी जमानत पर रिहा होकर साक्ष्यों से छेड़छाड़ कर सकती है या फरार हो सकती है। इन सभी तर्कों को सुनने के बाद न्यायालय ने अभियोजन पक्ष की दलीलों को स्वीकार करते हुए जमानत याचिका खारिज कर दी।


कमल ठाकुर की जमानत याचिका पर 18 जुलाई को होगी सुनवाई

इस हत्याकांड के प्रमुख आरोपी कमल ठाकुर की जमानत याचिका पर भी 9 जुलाई 2025 को सुनवाई हुई। इस दौरान अधिवक्ता विशाल सिंह बघेल ने मामले के अध्ययन के लिए समय मांगा, जिसे अदालत ने स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई की तिथि 18 जुलाई 2025 निर्धारित की है।


निष्कर्ष

केवलारी के इस दिल दहला देने वाले दोहरे हत्याकांड में न्यायालय की गंभीरता साफ झलकती है। आरोपी महिला गायत्री ठाकुर की जमानत याचिका को खारिज कर अदालत ने स्पष्ट संदेश दिया है कि गंभीर अपराधों में न्याय प्रक्रिया से छेड़छाड़ को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

Read Alos : ठेका कंपनी की मनमानी, खस्ता हाल सड़क और बेहाल जनता; माननीय और जिम्मेदारों की आँखों से पर्दा कब हटेगा?

error: Content is protected !!