जबलपुर। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुक्रवार को जबलपुर के बरगी डैम का दौरा किया और हाल ही में हुए क्रूज हादसे में प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने पीड़ितों को हर संभव सहायता दिलाने का भरोसा दिया और हादसे की गहन और निष्पक्ष जांच कराने का आश्वासन भी दिया।
सीएम मोहन यादव ने मृतकों के परिजनों और बचाए गए लोगों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनके दर्द को समझा और सरकार की ओर से हर प्रकार की मदद का भरोसा दिलाया। उन्होंने हादसे में अपनी जान गंवाने वाले एक व्यक्ति के परिवार से भी मिलकर संवेदना प्रकट की।
मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा, “नर्मदा नदी में एक दुखद दुर्घटना हुई है। अब तक नौ मृत शरीर बरामद किए जा चुके हैं और 28 लोग ठीक-सुरक्षित घर लौटे हैं। हमारी सरकार किसी भी तरह से प्रभावित परिवारों को अकेला नहीं छोड़ने वाली है।” उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर पहलू का ध्यान रखते हुए पीड़ितों के लिए हर संभव कदम उठा रही है।
हादसे में जिंदा बचे रियाज हुसैन से भी मुख्यमंत्री ने मुलाकात की, जिन्होंने कई घंटों तक क्रूज के अंदर फंसे रहने के बाद बचाव दल द्वारा सुरक्षित निकाले जाने का कुशल वर्णन किया। अधिकारियों ने बताया कि बचाव अभियान लगातार पूरी रात जारी रहा, जिससे और अधिक जान-माल की हानि टली।
मोहन यादव ने आगे बताया कि इस हादसे की विस्तारपूर्वक जांच के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित की जाएगी, जो दुर्घटना के सभी पहलुओं की पड़ताल करेगी। समिति यह भी जांचेगी कि सुरक्षा नियमों का पालन किस हद तक हुआ था और जिन लोगों की लापरवाही पाई जाएगी, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने सरकार की ओर से यह भी कहा कि भविष्य में इस प्रकार के हादसों को रोकने के लिए नौकायन समेत एडवेंचर टूरिज्म की गतिविधियों के लिए कड़े स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर्स (एसओपी) लागू किए जाएंगे, ताकि यात्री सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अतिरिक्त दो लाख रुपये सहायता राशि की घोषणा की है। यह कदम पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहारा देने के लिए उठाया गया है।
इसी बीच, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सुरक्षा व्यवस्था में भारी लापरवाही का आरोप लगाते हुए सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह हादसा प्रशासनिक चूक का परिणाम है क्योंकि लाइफ जैकेट और मौसम की सही निगरानी जैसी बुनियादी सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए।
सिंघार ने सरकार से आग्रह किया कि केवल जांच के आदेश देने से काम नहीं चलेगा, बल्कि जिम्मेदारों के खिलाफ कठोर कार्रवाई भी आवश्यक है। उन्होंने सुरक्षा मानकों को सुधारने और प्रशासनिक जवाबदेही तय करने पर जोर दिया।
इस प्रकार, बरगी डैम हादसे ने न केवल प्रदेश में शोक की लहर दौड़ाई है, बल्कि सुरक्षा प्रबंधन और प्रशासनिक जवाबदेही के मुद्दे भी उठ खड़े हुए हैं। सरकार द्वारा उठाए गए कदम, जांच प्रक्रिया और सुधारात्मक उपायों पर सभी की नजरें टिकी हैं।

