पुणे। महाराष्ट्र के पुणे शहर के कोंढवा इलाके में एक केमिकल प्लांट से क्लोरीन गैस के रिसाव ने बुधवार-गुरुवार की रात हालात तनावपूर्ण बना दिए। स्थानीय गंगाधाम चौक के पास स्थित इस प्लांट के स्टोरेज टैंक से खतरनाक क्लोरीन गैस के रिसाव की सूचना जैसे ही मिली, तुरंत प्रभावित इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक तौर पर कम से कम 17 लोग सांस लेने में दिक्कत की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराए गए हैं। हालांकि, यह संख्या बढ़ने की संभावना बनी हुई है क्योंकि प्रभावित इलाकों में राहत कार्य जारी हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रिसाव का स्रोत पास में बंद पड़े जल शुद्धिकरण केंद्र में रखे गए क्लोरीन सिलेंडर से था। यह सिलेंडर शायद उचित निगरानी के अभाव में रिसाव का कारण बना।
अग्निशमन विभाग ने मौके पर पहुंचकर ब्रीदिंग एपरेटस (बीए) सेट से लैस दमकल गाड़ियों के साथ तुरंत कार्रवाई करते हुए रिसाव को रोकने में सफलता हासिल की। दमकल कर्मियों ने सरकारी एम्बुलेंस ‘108’ की मदद से 14 घायल लोगों को तुरंत ससून जनरल अस्पताल सहित नजदीकी मेडिकल केंद्रों में भेजा।
रिसाव के कारण कुछ बचाव कर्मियों की तबीयत भी बिगड़ी, जिनमें एक अधिकारी एवं एक जवान भी शामिल हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है।
वरिष्ठ अधिकारीयों ने कहा है कि स्थिति वर्तमान में नियंत्रण में है और सभी प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। उन्होंने स्थानीय निवासियों से संयम बरतने और अफवाहों पर ध्यान न देने का अनुरोध किया है।
इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और केमिकल प्लांटों की निगरानी के सवाल को फिर से प्रमुखता से उठाया है। जांच जारी है कि बंद पड़े इस जल शुद्धिकरण केंद्र में खतरनाक क्लोरीन सिलेंडर कैसे जमा हो गया, जिससे आसपास के लोगों और पर्यावरण को खतरा हो गया।
यह घटना महाराष्ट्र में पिछले कुछ महीनों में केमिकल रिसाव की दूसरी बड़ी घटना है। इससे पहले, 2 मार्च को पालघर के बोईसर एमआईडीसी इलाके में एक केमिकल यूनिट में ओलियम गैस का रिसाव हुआ था, जिसमें हजारों लोग सुरक्षित स्थानों पर ले जाए गए थे।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी इस घटना की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की थी, क्योंकि ऐसे गैस रिसाव में मानवीय जीवन और स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव पड़ता है।
पिछली घटनाओं से मिली सीख के बाद इस बार भी अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई कर बड़े हादसे को टाल दिया। फिलहाल प्रभावित क्षेत्र में माहौल सामान्य है और राहत कार्य जारी हैं।
स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं से बचने के लिए आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया है। इस मामले की जांच पूरी होने के बाद जिम्मेदार पक्षों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

