मुंबई, राष्ट्रबाण: महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। मराठा आंदोलन के प्रमुख नेता मनोज जरांगे पाटिल आज मुंबई के आजाद मैदान में विशाल प्रदर्शन करने जा रहे हैं। इस मार्च में हजारों समर्थकों के जुटने की उम्मीद है, जो पुणे के ऐतिहासिक शिवनेरी किले से शुरू हुआ था। जरांगे ने मराठा समुदाय के लिए ओबीसी श्रेणी में आरक्षण की मांग को लेकर यह आंदोलन तेज किया है। हालांकि, बॉम्बे हाई कोर्ट ने इस प्रदर्शन पर पाबंदी लगाते हुए केवल 5,000 लोगों को अनुमति दी है, जिसका जरांगे ने कड़ा विरोध किया है।
आंदोलन की शुरुआत और मांग
मनोज जरांगे का यह मार्च पुणे के शिवनेरी किले से शुरू हुआ, जहाँ समर्थकों ने किले की मिट्टी माथे पर लगाकर संघर्ष का संकल्प लिया। यह प्रदर्शन गणेशोत्सव के दौरान हो रहा है, जिसके कारण मुंबई में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। जरांगे ने साफ कहा है कि वह मराठा समुदाय के लिए आरक्षण की मांग पूरी होने तक पीछे नहीं हटेंगे। उनकी मुख्य मांग है कि मराठा समुदाय को ओबीसी श्रेणी में शामिल किया जाए और 54 लाख कुनबी प्रमाणपत्र जारी किए जाएँ।
सरकार और विपक्ष की प्रतिक्रिया
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस आंदोलन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनकी सरकार ने पहले ही मराठा समुदाय को 10 फीसदी आरक्षण दे दिया है, जिसे अदालत ने भी मान्यता दी है। उन्होंने मराठा समुदाय को ओबीसी श्रेणी में शामिल करने की मांग पर सवाल उठाया, क्योंकि इसमें पहले से ही 350 जातियाँ शामिल हैं।
फडणवीस ने यह भी भरोसा दिलाया कि प्रदर्शनकारियों के लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान किया जाएगा और सरकार बातचीत के लिए तैयार है। दूसरी ओर, महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सापकाल ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि वह अदालत और पुलिस का सहारा लेकर लोकतंत्र को दबा रही है। शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने भी जरांगे के प्रदर्शन का समर्थन किया और सरकार से अपने वादों को पूरा करने की मांग की।
कोर्ट की पाबंदी और चुनौतियाँ
बॉम्बे हाई कोर्ट ने जरांगे के प्रदर्शन पर सख्ती दिखाते हुए आजाद मैदान में केवल 5,000 लोगों को इकट्ठा होने की अनुमति दी है। जरांगे ने इस शर्त को मानने से इनकार कर दिया और कहा कि वह अपने लक्ष्य के लिए किसी भी हद तक जाएँगे। इस पाबंदी ने राज्य की सियासत को और गर्म कर दिया है। पुलिस और प्रशासन ने गणेशोत्सव के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं।
मराठा आरक्षण का मुद्दा महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर उबाल पर है। मनोज जरांगे का यह प्रदर्शन सरकार और प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। यह देखना होगा कि आजाद मैदान में होने वाला यह प्रदर्शन क्या नया मोड़ लाता है और क्या सरकार इस मांग को पूरा करने में सफल होती है।
Read also: बिहार में हाई अलर्ट, नेपाल सीमा से घुसे जैश-ए-मोहम्मद के 3 आतंकी, पुलिस ने जारी की तस्वीरें