जयपुर। नीट पेपर लीक मामले के मुख्य आरोपियों मांगीलाल बिनवाल और दिनेश बिनवाल पर स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने कड़ी नजर रखी हुई है। एसओजी उनकी संपत्ति, राजनीतिक संबंध और वित्तीय लेन-देन की गहन जांच कर रहा है। वहीं, परिवार के सदस्यों का दावा है कि दोनों आरोपियों का परीक्षा रैकेट से कोई संबंध नहीं है और वे केवल रियल एस्टेट के व्यवसाय में लगे हैं।
एक सोशल मीडिया पोस्ट के अनुसार दिनेश बिनवाल ने सात नवंबर 2025 को गर्व से बताया कि उनके परिवार के पांच सदस्यों ने नीट परीक्षा में सफलता हासिल कर सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन पाया है। हालांकि, परिवार ने पांचवें उम्मीदवार की पहचान साझा करने से इनकार किया है।
परिवार ने बताया कि दिनेश के दिवंगत बड़े भाई घनश्याम खटीक की दो बेटियों ने नीट 2024 में सफलता प्राप्त की थी जबकि परिवार की एक अन्य लड़की और दिनेश के पुत्र ने नीट 2025 में प्रवेश लिया था। जांच एजेंसियां इस बात का संदेह व्यक्त कर रही हैं कि मांगीलाल के बेटे ने, जिसने नीट 2026 परीक्षा दी थी, भी लीक हुए प्रश्नपत्र का उपयोग किया हो सकता है।
एसओजी के सूत्रों के अनुसार, मांगीलाल और दिनेश बिनवाल को आरोप है कि उन्होंने राज्य में लीक हुए प्रश्नपत्रों का वितरण किया। आरोप है कि दोनों ने परीक्षा से एक सप्ताह पहले गुरुग्राम से 30 लाख रूपये की राशि देकर यह पेपर लिया था। अनुमान है कि यह लीक प्रश्नपत्र राज्य भर के 1,000 से अधिक उम्मीदवारों में बांटा गया।
एसओजी अब भाइयों के वित्तीय रिकॉर्ड, राजनीतिक कनेक्शन और व्यवसायिक गतिविधियों पर विशेष ध्यान केंद्रित कर रहा है। मांगीलाल और दिनेश बिनवाल जयपुर से लगभग 30 किलोमीटर दूर जमवा रामगढ़ तहसील क्षेत्र के निवासी हैं, जहां ये अपने बड़े परिवार के साथ दो हजार स्क्वायर यार्ड के फार्महाउस में रहते हैं। पुलिस ने 9 मई को इस मामले में मिली गुप्त जानकारी के आधार पर दोनों को गिरफ्तार किया। लोकल लोगों का कहना है कि वे अपने आलीशान जीवनशैली के लिए जाने जाते हैं।
आरोपियों ने दावा किया है कि जांच में प्रभावशाली लोगों को बचाया जा रहा है, लेकिन एसओजी का मानना है कि दोनों ने गुरुग्राम से पेपर खरीदकर पूरे राजस्थान में कई उम्मीदवारों को इसे उपलब्ध करवाया।
मांगीलाल की पत्नी सोनू ने अपने पति के किसी भी प्रकार की संलिप्तता से इंकार किया और कहा कि वह सिर्फ प्रॉपर्टी व्यवसाय करते हैं और परीक्षा पेपर लीक से उनका कोई ताल्लुक नहीं। वहीं, भाइयों की मां प्रभु देवी ने इस मामले को उनके खिलाफ एक राजनीतिक साजिश बताया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग उनके बच्चों की सफलता से जलते हैं और इसीलिए उन्हें फंसाने की कोशिश की जा रही है।
जब उनसे पूछा गया कि कौन परिवार का निशाना बना रहा है, तो उन्होंने सीधे तौर पर किसी का नाम लिए बिना दोहराया कि सफलता से जलन की वजह से यह सब हो रहा है।
एसओजी ने लीक मामले में जयपुर, जयपुर रूरल, सीकर और झुंझुनू में छापेमारी की। जांच में यह सामने आया कि एक उम्मीदवार ने कई अन्य अभ्यर्थियों को लीक प्रश्नपत्र सर्कुलेट किया था और इसी दौरान उसने अपने पिता मांगीलाल और चाचा दिनेश का नाम लिया, जिसके बाद दोनों भाइयों को गिरफ्तार किया गया।

