राजस्थान पुलिस ने ड्रग तस्कर की 2.50 करोड़ रुपए मूल्य की संपत्ति जब्त की

Rashtrabaan

    जयपुर। प्रतापगढ़ पुलिस ने नशीले पदार्थों के दुरुपयोग और तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ‘ऑपरेशन त्रिनेत्र’ के तहत एक ड्रग तस्कर की करीब 2.50 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त करना शुरू कर दिया है। इस कदम का उद्देश्य न केवल तस्करों को कानून के शिकंजे में लेना है, बल्कि उनके आर्थिक नेटवर्क को भी पूर्ण रूप से खत्म करना है।

    पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य के निर्देशन में अरनोद पुलिस ने नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंसेस एक्ट की धारा 68एफ(1) के तहत एक प्रस्ताव तैयार किया था, जिसे नई दिल्ली के सक्षम अधिकारियों द्वारा मंजूरी दी गई। इसका परिणामस्वरूप पहचानी गई संपत्तियों की जब्ती की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

    यह कार्रवाई अरनोद थाना क्षेत्र के देवलदी गांव के निवासी जमशेद खान उर्फ ‘सेठ लाला’ के विरुद्ध की गई है। पुलिस के अनुसार, जमशेद खान लंबे समय से नशीले पदार्थों की तस्करी में संलिप्त रहा है और अवैध क्रियाकलापों से प्राप्त धन का निवेश देवलदी में अपने घर के निर्माण में किया है, जिसकी कीमत लगभग 2.50 करोड़ रुपए आंकी गई है। आबकारी विभाग की जांच में यह भी पाया गया कि खान के पास कोई वैध आय स्रोत या पुश्तैनी संपत्ति नहीं है, फिर भी उसने कम समय में बड़ी राशि की संपत्ति अर्जित की।

    इस जांच का संबंध मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में 30 मार्च को पिपलोदा पुलिस द्वारा की गई बड़ी छापेमारी से जुड़ा है, जहां पुलिस ने एक पोल्ट्री फार्म पर छापा मारकर नशीले पदार्थों समेत कई अवैध रसायन जब्त किए थे। इस कार्रवाई में 200 ग्राम मिथाइलीनडाइऑक्सीमेथैम्फेटामाइन, 900 ग्राम प्रीकर्सर केमिकल पाउडर, तथा अन्य भारी मात्रा में केमिकल्स और उपकरण बरामद किए गए।

    छापेमारी के दौरान जमशेद खान और तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आगे की जांच में पता चला कि खान एयर सिंथेटिक ड्रग्स जैसे मिथाइलीनडाइऑक्सीमेथैम्फेटामाइन, ब्राउन शुगर और डोडा चूरा की तस्करी में सक्रिय रूप से शामिल था।

    राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश राज्यों में जमशेद खान के खिलाफ कुल आठ आपराधिक मामले दर्ज हैं, और वह कई मामलों में अभी भी फरार है। पुलिस ने संपत्ति जब्ती का नोटिस चिह्नित आस-पास की संपत्तियों पर लगा दिया है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को सूचित कर दिया है।

    पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य ने स्पष्ट किया कि न केवल गिरफ्तारी, बल्कि तस्करों के आर्थिक आधार को खत्म करना भी पुलिस की प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी कहा कि अवैध संपत्तियों को बचाने की अनुमति नहीं दी जाएगी और यह कार्रवाई अन्य तस्करों के लिए एक कड़ा संदेश है।

    इस सत्यापन और जब्ती की कार्रवाई से न केवल राजस्थान पुलिस ने ड्रग तस्कर के विरुद्ध दृढ़ कदम उठाए हैं, बल्कि कानून व्यवस्था के प्रति जनता के विश्वास को भी मजबूती मिली है। पुलिस लगातार ऐसे गिरफ्तारियों और कार्रवाईयों के माध्यम से समाज को नशे से मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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