रायपुर। कक्षा पहली से दसवीं तक अध्ययनरत पात्र विद्यार्थियों के लिए अस्वच्छ व्यवसाय छात्रवृत्ति योजना की प्रक्रिया अब पूरी तरह डिजिटल हो गई है। लोक शिक्षण संचालनालय ने निर्णय लिया है कि छात्रवृत्ति के लिए आवश्यक प्रमाण पत्र अब ऑनलाइन जारी किए जाएंगे। इससे विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी तथा योजना का लाभ पारदर्शी और कुशल तरीके से प्राप्त होगा।
शिक्षा विभाग के अनुरोध पर राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने अनुविभागीय अधिकारी और तहसीलदार स्तर पर ऑनलाइन प्रमाण पत्र जारी करने की कार्यप्रणाली लागू कर दी है। छत्तीसगढ़ इंफोटेक प्रमोशन सोसाइटी (चिप्स) द्वारा विकसित सॉफ्टवेयर को सफलतापूर्वक लाइव कर दिया गया है, जिससे लोक सेवा केंद्रों पर आवेदन संभव होंगे। इस नई व्यवस्था से आवेदन प्रक्रिया को जाति, निवास और आय प्रमाण पत्र की तर्ज पर सरल बनाया गया है।
आवेदन के लिए विद्यार्थियों को 10 रुपये के स्टाम्प पेपर पर शपथ पत्र जमा करना आवश्यक होगा। इसके अलावा ग्राम पंचायत के सरपंच, नगरीय निकाय के पार्षद या संबंधित पटवारी द्वारा हस्ताक्षरित अनुशंसा पत्र भी प्रस्तुत करना होगा, जो आवेदन की वैधता सुनिश्चित करेगा।
प्रशासन ने सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों, शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों के प्राचार्यों और प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए हैं कि वे पात्र विद्यार्थियों को योजना की जानकारी दें और ऑनलाइन आवेदन के प्रति जागरूकता अभियान चलाएं। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक जरूरतमंद विद्यार्थी समय पर छात्रवृत्ति योजना का लाभ उठा सकें।
इस डिजिटल पहल से संबंधित अधिकारी उम्मीद कर रहे हैं कि यह प्रक्रिया विद्यार्थियों के लिए सुविधाजनक और पारदर्शी होगी, साथ ही भ्रष्टाचार की गुंजाइश भी कम होगी। इससे राज्य के शिक्षा आवासीय और अस्वच्छ व्यवसायों से जुड़े विद्यार्थी सीधे लाभान्वित होंगे और उनकी आर्थिक परिस्थिति में सुधार आएगा।

