द्वारका स्टेडियम में एक ऐतिहासिक और अभिनव पहल के तहत, ओमैक्स कंपनी ने अपने उत्तर पवेलियन लोअर बाउल में स्थित क्रिकेट स्टैंड का नाम भारत की बेहतरीन महिला क्रिकेटर हरमनप्रीत कौर के नाम पर रखा है। यह स्टैंड लगभग 30,000 दर्शकों की क्षमता वाले मैदान में 1,500 से अधिक सीटों के साथ महिलाओं और परिवारों के लिए समर्पित भारत का पहला “पिंक स्टैंड” होगा।
यह कदम न केवल महिला क्रिकेटरों को सम्मानित करने के लिए है, बल्कि खेल के प्रति महिलाओं और परिवारों की भागीदारी को बढ़ावा देने का भी एक प्रयास है। ओमैक्स के इस पहल के माध्यम से यह संदेश दिया जा रहा है कि खेल का मैदान हर व्यक्ति के लिए है, चाहे वह महिला हो या परिवार का सदस्य।
इस “पिंक स्टैंड” में बैठने वाले दर्शकों को विशेष सुविधाएं मिलेंगी जिसमें आरामदायक बैठने की व्यवस्था, बेहतर सुरक्षा प्रबंध और महिलाओं तथा बच्चों के लिए विशेष सुविधाएं शामिल हैं। स्टैंड का समर्पण समारोह एक भव्य आयोजन के रूप में आयोजित किया गया, जिसमें हरमनप्रीत कौर भी मौजूद रहीं और उन्होंने खेल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए अपने अनुभव साझा किए।
हरमनप्रीत कौर, जो वर्तमान में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की महत्वपूर्ण सदस्य हैं, ने अपने शानदार प्रदर्शन से न केवल देश का मान बढ़ाया है बल्कि युवतियों को भी प्रेरित किया है कि वे क्रिकेट जैसी प्रतिस्पर्धात्मक खेलों में खुद को साबित कर सकती हैं। उनके नाम पर स्टैंड का नामकरण खेल में महिलाओं की बढ़ती भूमिका और उनके सम्मान का प्रतीक है।
ओमैक्स ने इस पहल के बारे में कहा कि यह केवल एक इमारत का नामकरण नहीं, बल्कि एक सामाजिक बदलाव की शुरुआत है, जिससे खेल जगत में लैंगिक समता को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने आशा जताई कि यह स्टैंड महिलाओं और परिवारों को खेल के प्रति अधिक आकर्षित करेगा और उन्हें खेल के आनंद में शामिल करेगा।
इस “पिंक स्टैंड” की स्थापना से अंदाजा लगाया जा सकता है कि भारतीय खेल प्रशासन और निजी क्षेत्र संयुक्त रूप से महिला खेल प्रतिभाओं के लिए अनुकूल माहौल बनाने में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। इससे न केवल महिला खिलाड़ियों को प्रोत्साहन मिलेगा, बल्कि दर्शकों के लिए भी एक सुरक्षित और समर्पित स्थान उपलब्ध होगा।
इस प्रकार, द्वारका स्टेडियम का यह नया स्टैंड न सिर्फ हरमनप्रीत कौर की उपलब्धियों को सम्मानित करता है, बल्कि महिलाओं के खेल क्षेत्र में योगदान और उनके लिए बेहतर अवसरों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

