पाकिस्तान के डिप्टी प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री श्री दार ने क्षेत्रीय स्थिरता और सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस दौरान उन्होंने पाकिस्तान की प्रतिबद्धता को दोहराया कि संवाद और कूटनीति ही विवादों के शांतिपूर्ण समाधान का एकमात्र सक्षम मार्ग हैं।
श्री दार ने अपने इरानी समकक्ष के साथ की गई वार्ता में दो देशों के बीच सहयोग को और मजबूत बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा सभी देशों के लिए हितकारी हैं, इसलिए अंतर्निहित मतभेदों को बातचीत के माध्यम से दूर करना आवश्यक है।
उन्होंने ये भी स्पष्ट किया कि पाकिस्तान द्विपक्षीय और बहुपक्षीय मंचों पर सभी स्तरों पर संवाद को प्राथमिकता देता है। उनकी मंशा है कि ऐसे प्रयासों से न केवल पड़ोसी देशों के साथ संबंध सुधरेंगे, बल्कि पूरे क्षेत्र में स्थायी शांति और विकास की राह भी प्रशस्त होगी।
इस संदर्भ में, श्री दार ने क्षेत्रीय मुद्दों को लेकर पूर्वाग्रह और तनावों को कम करने हेतु दोनों पक्षों को सहमतित्व विकसित करने की पहल की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक और क्षेत्रीय चुनौतियों का सामना करने के लिए सहयोगहीनता से काम नहीं चलेगा।
इस बैठक का मकसद नवोन्मेषी सहयोग उपायों की निष्पक्ष समीक्षा करना तथा दोनों देशों के मध्य विश्वास, पारस्परिक सम्मान और समझ को मजबूत करना था। दोनों पक्षों ने इस दिशा में निरंतर संवाद और समन्वय बनाए रखने की प्रतिबद्धता जताई।
इस प्रकार, पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने अपने इरानी समकक्ष से क्षेत्रीय सुरक्षा, आर्थिक सहयोग, सीमा सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की। साथ ही उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय स्थिरता के लिए स्थायी समाधान ढूंढना ज़रूरी है, जो सभी सदस्यों के फायदेमंद हों।
इस वार्ता का सार यह है कि तनावों को कम करने, विभिन्न मतभेदों को खत्म करने और परस्पर सहयोग बढ़ाने के लिए कूटनीतिक प्रयासों को निरंतरता देना ही भविष्य की कुंजी है। श्री दार की यह पहल क्षेत्रीय शांति के प्रति पाकिस्तान की गंभीर प्रतिबद्धता को प्रमाणित करती है।

