पेन्टागन ने ईरान युद्ध की लागत $25 बिलियन बताई, विशेषज्ञ इसे कम आंकते हैं

Rashtrabaan

    पेन्टागन द्वारा घोषित ईरान युद्ध की लागत लगभग 25 अरब डॉलर है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह आंकड़ा वास्तविकता से काफी कम है। विश्लेषकों का कहना है कि युद्ध की कुल लागत इससे कहीं अधिक हो सकती है, खासकर जब युद्ध से जुड़े दैनिक खर्चों, हवाई जहाजों, मिसाइल सिस्टम और नौसैनिक संचालन में हुए भारी नुकसान को ध्यान में रखा जाए।

    विशेषज्ञों ने इसके पीछे कई कारण बताए हैं। युद्ध के दौरान प्रतिदिन करीब 2 अरब डॉलर खर्च होने के अनुमान हैं, जो कि पेन्टागन द्वारा दिए गए आंकड़ों से कई गुना अधिक है। इस उच्च खर्च का कारण मुख्य रूप से हथियारों एवं सैन्य उपकरणों की निरंतर मरम्मत और पुनः खरीद है। साथ ही, युद्ध में शामिल सैनिकों की तैनाती, उनके जीवनयापन का खर्च, तथा युद्ध संबंधी अन्य प्रशासनिक खर्च भी कुल लागत में बड़ा योगदान देते हैं।

    नौसेना और वायु सेना को हुए नुकसान भी आर्थिक बोझ बढ़ाते हैं। कई विमानों और मिसाइल प्रणालियों के क्षतिग्रस्त या नष्ट हो जाने से न केवल तत्काल मरम्मत की आवश्यकता होती है, बल्कि नई तकनीकी उपकरणों को विकसित और तैनात करने की भी मांग बढ़ जाती है। ये सभी खर्च युद्ध की कुल लागत को तीव्र रूप से ऊपर लेकर जाते हैं।

    फिर भी, पेन्टागन ने अपनी आधिकारिक रिपोर्ट में इस वास्तविकता को पूरी तरह से जगह नहीं दी है, जिससे युद्ध की आर्थिक कीमत सही रूप में सामने नहीं आ पा रही है। विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि युद्ध के अप्रत्यक्ष खर्च, जैसे कि वापसी के बाद सैनिकों की पुनर्वास प्रक्रिया, बीमारी और शारीरिक चोटों का इलाज, और युद्ध के सामाजिक-आर्थिक प्रभाव, इन सबकी गणना में शामिल नहीं की गई है।

    इस प्रकार, युद्ध की वास्तविक लागत को समझने के लिए केवल सीधे सैन्य खर्चों को देखना पर्याप्त नहीं है, बल्कि इसके हर पहलू को ध्यान में रखना जरूरी है। विशेषज्ञों का निष्कर्ष है कि पेन्टागन द्वारा बताए गए 25 अरब डॉलर के आंकड़े से हजारों करोड़ डॉलर अधिक हो सकते हैं, यदि युद्ध से जुड़े सभी खर्चों को जोड़ा जाए।

    आर्थिक रूप से यह युद्ध राष्ट्र के लिए एक बड़ा बोझ साबित हो सकता है, जिसके परिणाम दूरगामी और जटिल होंगे। ऐसे में बजट निर्धारण और भविष्य की रणनीतियों को पुनः परिभाषित करना आवश्यक हो जाता है, ताकि भविष्य में समान परिस्थितियों से बेहतर तरीके से निपटा जा सके।

    Source

    TAGGED:
    error: Content is protected !!