मण्डला/भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस ने संपत्ति संबंधी अपराधों के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस नीति को दोहराते हुए एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। मण्डला जिले के पिंडरई बाजार में एक सराफा व्यापारी के यहाँ हुई सनसनीखेज चोरी का खुलासा करते हुए पुलिस ने न केवल आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा है, बल्कि चोरी गया शत-प्रतिशत माल भी बरामद कर लिया है। इस शानदार सफलता पर पुलिस महानिदेशक (DGP) श्री कैलाश मकवाणा ने पूरी टीम की पीठ थपथपाते हुए विशेष पुरस्कार की घोषणा की है।
क्या था पूरा मामला?
बीते दिनों मण्डला जिले के व्यस्ततम पिंडरई बाजार में स्थित एक प्रतिष्ठित सराफा दुकान को चोरों ने निशाना बनाया था। शातिर चोरों ने बड़ी सफाई से दुकान के ताले तोड़कर भारी मात्रा में सोने-चांदी के जेवरात और नकदी पार कर दी थी। सराफा व्यापारी के साथ हुई इस वारदात ने पूरे क्षेत्र के व्यापारियों में असुरक्षा का भाव पैदा कर दिया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक मण्डला ने तत्काल विशेष टीमों का गठन किया और आरोपियों की धरपकड़ के निर्देश दिए।

तकनीकी विश्लेषण और पुलिस की मुस्तैदी
इस अंधे कत्ल जैसी गुत्थी को सुलझाने के लिए मण्डला पुलिस ने पारंपरिक मुखबिरी तंत्र के साथ-साथ आधुनिक तकनीकी विश्लेषण (Technical Analysis) का सहारा लिया। साइबर सेल और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने घटनास्थल के आसपास के सैकड़ों CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले। जांच के दौरान पुलिस को कुछ संदिग्ध वाहनों और मोबाइल लोकेशन के आधार पर महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे। लगातार पीछा करने और घेराबंदी के बाद पुलिस ने कुल 5 आरोपियों को अपनी गिरफ्त में लिया। चौंकाने वाली बात यह है कि इन गिरफ्तार आरोपियों में 3 वयस्क अपराधी हैं, जबकि 2 विधि विरुद्ध बालक (नाबालिग) शामिल हैं, जिन्हें अपराध की दुनिया में मोहरे की तरह इस्तेमाल किया गया था।
बरामदगी: 52 लाख का मशरूका जब्त
पुलिस की कार्रवाई इतनी सटीक थी कि अपराधियों को माल खपाने का मौका तक नहीं मिला। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा चोरी किए गए सोने-चांदी के आभूषण, नकदी, चोरी की वारदात में इस्तेमाल किए गए वाहन सहित अनुमानित कीमत 52 लाख से अधिक का मशरूका जब्त किया।
DGP कैलाश मकवाणा का संदेश और इनाम की घोषणा
इस सफल ऑपरेशन की खबर भोपाल मुख्यालय पहुँचते ही DGP कैलाश मकवाणा ने मण्डला पुलिस की तत्परता की सराहना की। उन्होंने कहा- मध्यप्रदेश पुलिस प्रदेश में शांति व्यवस्था बनाए रखने और नागरिकों की संपत्ति की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पिंडरई की घटना का त्वरित खुलासा यह दर्शाता है कि हमारी पुलिस तकनीकी रूप से सक्षम और अनुशासित है।
DGP ने इस चुनौतीपूर्ण केस को सुलझाने वाली टीम के लिए पुरस्कार की घोषणा की है, ताकि जवानों का मनोबल बढ़ाया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराधियों के खिलाफ ऐसी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
जनता से पुलिस की अपील
पुलिस महानिदेशक ने इस मौके पर आम जनता से भी सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि अपराध मुक्त समाज के लिए ‘जनसहभागिता’ अनिवार्य है। यदि किसी भी नागरिक को अपने आसपास कोई संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि नजर आए, तो उसकी सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस स्टेशन या हेल्पलाइन नंबर पर दें। पुलिस आपकी पहचान गुप्त रखेगी।
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