मुंबई: पायधुनी इलाके में एक ही परिवार के चार सदस्यों की रहस्यमयी मौत के मामले ने एक नया मोड़ ले लिया है। जे जे अस्पताल की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह तय हुआ है कि मृतकों की मौत जिंक फॉस्फाइड नामक जहरीले रसायन की वजह से हुई, जो चूहे मारने वाली दवाओं में पाया जाता है। इस खुलासे के बाद पुलिस जांच और तेज हो गई है लेकिन अब भी यह पता लगाना बाकी है कि जहर तरबूज में कैसे पहुंचा।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना की रात परिवार के सदस्यों ने पांच रिश्तेदारों के साथ मिलकर भोजन किया था। मेहमानों के बाद करीब एक बजे परिवार के चारों सदस्य तरबूज खाते हैं। इसके बाद उनकी सेहत खराब हो गई और 12 घंटे के भीतर सभी की मौत हो गई। फॉरेंसिक जांच में तरबूज और मृतकों के विसरा सैंपल में जिंक फॉस्फाइड की मौजूदगी मिली है, जिससे मौत की वजह स्पष्ट हुई है।
हालांकि मौत आत्महत्या, दुर्घटना या हत्या किस रूप में हुई, इस पर अभी खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि 22 से 25 अप्रैल के बीच जहर किसने और कैसे खरीदा। परिवार के आसपास के रिश्तेदार, पड़ोसी और इलाके के दुकानदारों से पूछताछ जारी है। पुलिस ने करीब 100 लोगों के बयान दर्ज किए हैं, जिनमें से चूहे मारने वाली दवाएं बेचने वाले 20 से अधिक दुकानदार भी शामिल हैं।
पुलिस अब्दुल्ला दोकाडिया से भी पूछताछ कर रही है, जो मोबाइल एक्सेसरीज बाजार में काम करते थे और परिवार से जुड़े थे। कॉल डिटेल रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है ताकि पता चल सके कि किसके संपर्क में जहर पहुंचा।
अभी तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला है कि परिवार ने खुद जहर लिया या यह किसी साजिश का हिस्सा है। पुलिस इस रहस्य को सुलझाने के लिए हर पहलू पर काम कर रही है ताकि सच सामने आ सके।
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल है कि जिंक फॉस्फाइड तरबूज तक कैसे पहुंचा और किसके द्वारा यह किया गया। शहर में सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं बढ़ गई हैं, क्योंकि इस तरह का जहर खाद्य पदार्थों में मिलाना एक गंभीर अपराध है जो आम नागरिकों के लिए खतरा पैदा करता है।
अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही मामले के सभी पहलुओं का पता चलेगा और दोषियों को सजा मिलेगी। फिलहाल मुंबई पुलिस परिवार के रिश्तेदारों और समुदाय के सदस्यों से अपील कर रही है कि वे जांच में सहयोग करें ताकि जल्द से जल्द इस रहस्य का पर्दाफाश हो सके और न्याय सुनिश्चित किया जा सके।

