गुजरात में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की सरकार ने पेंशनर्स के लिए एक महत्वपूर्ण और सराहनीय पहल की है। अब राज्य के पांच लाख से अधिक पेंशनभोगियों को घर बैठे जीवन प्रमाण पत्र (लाइफ सर्टिफिकेट) मुफ्त में प्राप्त करने की सुविधा मिलेगी। यह सेवा 1 मई 2026 से 31 जुलाई 2026 तक चलेगी, जिससे पेंशनर्स के लिए जीवन प्रमाण पत्र की प्रक्रिया बेहद आसान और सुविधाजनक हो जाएगी।
इस पहल के तहत गुजरात सरकार ने इंडिया पोस्ट भुगतान बैंक के साथ मिलकर ग्रामीण डाक सेवकों और पोस्टमैन के जरिए डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट बनाने का अनुबंध (MoU) किया है। पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव और वित्त सचिव संदीप कुमार के बीच यह समझौता हुआ है ताकि पेंशनर्स को बिना किसी परेशानी के उनके घर पर ही लाइफ सर्टिफिकेट उपलब्ध कराया जा सके। इस प्रक्रिया में बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, जैसे फेस रिकॉग्निशन और फिंगरप्रिंट वेरिफिकेशन का उपयोग किया जाएगा, जिससे डिजिटल कॉपी मिनटों में तैयार हो जाएगी।
मुफ्त और भरोसेमंद सेवा
इस सेवा के लिए पेंशनर्स से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट की कॉपी अपने आप पेंशन कार्यालय को भेज दी जाएगी, जो कि राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र द्वारा विकसित जीवन प्रमाण एप्लिकेशन के माध्यम से संचालित होगी। यह सुविधा केवल गुजरात तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि अन्य राज्यों में रहने वाले गुजरात के पेंशनभोगी भी अपने नजदीकी डाकघर पर जाकर इसका लाभ उठा सकेंगे।
आवश्यक दस्तावेज और प्रक्रिया
लाइफ सर्टिफिकेट घर पर बनवाने के लिए पेंशनर्स को अपना आधार नंबर, मोबाइल नंबर और पीपीओ नंबर पोस्टमैन को उपलब्ध कराना होगा। इसके बाद वे जीवन प्रमाण के आधिकारिक वेबसाइट http://jeevanpramaan.gov.in से अपना प्रमाण पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। इस नई पहल से न केवल पेंशनर्स की सुविधा बढ़ेगी बल्कि सरकारी कार्य प्रणाली में भी पारदर्शिता और गति आएगी।
यह पहल उन वृद्ध और असहाय पेंशनर्स के लिए विशेष रूप से लाभकारी होगी जो अपने घर से बाहर निकलने में असमर्थ हैं या फिट नहीं हैं। सरकार ने इस सेवा के माध्यम से न सिर्फ डिजिटल इंडिया के सपने को साकार किया है, बल्कि एक मजबूत सामाजिक सुरक्षा जाल भी बनाया है, जो बुजुर्गों के हित में है।
गुजरात की यह पहल देश में पेंशनर्स की सुविधा के लिए एक मिसाल बनेगी और उम्मीद की जा रही है कि अन्य राज्य भी इस तरह की सेवाओं को अपने क्षेत्र में शुरू करें ताकि नागरिकों को सरकारी सेवाएं सरलता से मिल सकें।

