तेलंगाना के NIMS डॉक्टरों ने दर्ज किया रिकॉर्ड: 2,000 किडनी ट्रांसप्लांट्स, 95% मुफ्त

Rashtrabaan

    तेलंगाना के लिए गर्व की बात है कि नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (NIMS) ने एक महत्वपूर्ण मुकाम हासिल किया है। NIMS के डॉक्टरों ने कुल 2,000 किडनी ट्रांसप्लांट्स सफलतापूर्वक किए हैं, जिसमें से 95% मरीजों को यह सेवा बिना किसी शुल्क के प्रदान की गई। यह उपलब्धि NIMS को सरकारी क्षेत्र में देश के उच्चतम किडनी ट्रांसप्लांट केंद्रों में से एक बनाती है।

    किडनी रोग से पीड़ित मरीजों के लिए ट्रांसप्लांट ही एकमात्र स्थायी और प्रभावी इलाज माना जाता है, जिससे उनकी जीवन गुणवत्ता में सुधार होता है। NIMS का यह रिकॉर्ड दर्शाता है कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थान भी उच्च मानकों के साथ और जनहित में काम कर सकते हैं। संस्थान ने तकनीकी विशेषज्ञता, आधुनिक चिकित्सा उपकरण और कुशल डॉक्टरों के संयोजन से यह उपलब्धि संभव की है।

    यहां किए गए अधिकांश ट्रांसप्लांट मुफ्त सेवा के तहत आते हैं, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मरीजों को बड़ी राहत मिलती है। सरकार और NIMS प्रशासन ने मिलकर इस पहल को सफल बनाया है, जो सामाजिक स्वास्थ्य सेवाओं में एक मिसाल है।

    पर्याप्त डोनर कैंपेन, जागरूकता कार्यक्रम और बेहतर ऑपरेशन थिएटर सुविधाओं ने भी इस सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके साथ ही, मरीजों की देखभाल और ऑपरेशन के बाद की चिकित्सा सेवाएं भी उन्नत स्तर पर हैं, जो पुनः स्वस्थ जीवन की गारंटी देती हैं।

    विशेषज्ञों का कहना है कि इस उपलब्धि से पूरे देश में किडनी ट्रांसप्लांट के प्रति विश्वास और उम्मीद बढ़ेगी। सरकारी अस्पतालों में न केवल गुणवत्ता की सेवा मिलेगी, बल्कि आर्थिक बोझ भी कम होगा, जिससे उपचार अधिक सुलभ होगा।

    मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि भविष्य में भी NIMS इसी प्रकार की सेवाएं विस्तार के साथ जारी रखेगा और किडनी संबंधित बीमारियों के उपचार में नए आयाम स्थापित करेगा। यह उपलब्धि केवल एक संख्यात्मक रिकॉर्ड नहीं, बल्कि हर एक मरीज के जीवन में छुआ गया बदलाव है।

    इस प्रकार, NIMS के डॉक्टरों और पूरे स्टाफ की मेहनत, समर्पण और विशेषज्ञता ने इस सफलता को संभव बनाया है, जो न केवल तेलंगाना बल्कि पूरे भारत में सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में एक प्रेरणा स्रोत है।

    Source

    error: Content is protected !!