भारत अमेरिकी उत्पादों के लिए बाजार खोलें वरना होगी और सख्ती, अमेरिकी सलाहकार केविन हैसेट की चेतावनी

Rahul Maurya
(File Photo- Reuters)

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर व्यापार नीतियों को लेकर दबाव बढ़ा दिया है। व्हाइट हाउस के आर्थिक सलाहकार केविन हैसेट ने भारत को चेतावनी दी है कि अगर वह अपने बाजार को अमेरिकी उत्पादों के लिए और खुला नहीं करता, तो ट्रंप प्रशासन और सख्त कदम उठा सकता है। हैसेट ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार संबंध जटिल हैं, लेकिन भारत की ओर से बाजार खोलने में ढिलाई के कारण ये तनाव बढ़ रहा है।

व्यापार वार्ताओं में असहमति

केविन हैसेट ने एक प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि ट्रंप प्रशासन ने भारत के साथ कई दौर की व्यापार वार्ताएँ कीं, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। उनका कहना है कि भारत अमेरिका को अपने उत्पाद बेचता तो है, लेकिन अमेरिकी सामानों के लिए अपने बाजार को पूरी तरह खोलने में हिचक रहा है। इस वजह से ट्रंप ने पहले ही भारतीय सामानों पर 50 फीसदी टैरिफ लागू कर दिया है, जिसमें रूस से तेल खरीदने के लिए अतिरिक्त 25 फीसदी शुल्क भी शामिल है। हैसेट ने इसे भारत के रवैये के खिलाफ एक कड़ा संदेश बताया। उन्होंने कहा कि अगर भारत अपनी नीतियों में बदलाव नहीं करता, तो भविष्य में और कठोर कदम उठाए जा सकते हैं।

भारत-अमेरिका संबंधों पर असर

केविन हैसेट ने भारत और अमेरिका के बीच संबंधों को “जटिल” बताते हुए कहा कि यह तनाव न केवल व्यापार तक सीमित है, बल्कि भूराजनीतिक मुद्दों से भी जुड़ा है। खास तौर पर, रूस-यूक्रेन युद्ध में भारत की तटस्थ नीति और रूसी तेल की खरीद को अमेरिका ने निशाने पर लिया है। हैसेट ने दावा किया कि भारत का रूस से तेल आयात रूसी अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रहा है, जिसे रोकने के लिए अमेरिका ने टैरिफ का सहारा लिया है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि ट्रंप भारत के साथ बेहतर संबंध चाहते हैं, बशर्ते भारत व्यापार में लचीलापन दिखाए।

भारत की चुनौतियाँ और जवाब

भारत ने इन टैरिफ्स को “अनुचित” बताया है और इसका जवाब देने के लिए वैकल्पिक बाजारों की तलाश शुरू कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत को यूरोप, मध्य पूर्व, और दक्षिण-पूर्व एशिया जैसे क्षेत्रों में अपने निर्यात को बढ़ाना होगा। साथ ही, भारत ने घरेलू सुधारों पर ध्यान देने की बात कही है, ताकि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में उसकी हिस्सेदारी बढ़ सके। भारतीय व्यापार मंत्रालय ने 40 देशों में टेक्सटाइल निर्यात को बढ़ाने की योजना बनाई है, जिसमें जापान, दक्षिण कोरिया, और यूके जैसे देश शामिल हैं।

केविन हैसेट ने कहा कि ट्रंप प्रशासन भारत के साथ व्यापार समझौते को लेकर अभी भी आशान्वित है। लेकिन, उन्होंने साफ किया कि भारत को अपने बाजार को और खुला करना होगा। दूसरी ओर, भारतीय विशेषज्ञों का कहना है कि यह समय भारत के लिए अपनी आर्थिक रणनीति को मजबूत करने का है। अगर भारत वैकल्पिक बाजारों और घरेलू सुधारों पर ध्यान देता है, तो वह इस चुनौती को अवसर में बदल सकता है।

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