कोलकाता में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने एक महत्वपूर्ण दौरे के तहत सेंट टेरेसा के मदर हाउस और निर्मला शिशु भवन का दर्शन किया। इस दौरान उन्होंने मिशनरीज ऑफ चैरिटी की बहनों के साथ करीब एक घंटे से भी अधिक समय बिताया।
मार्को रूबियो ने इस दौरे में मां मदर टेरेसा की सेवाभाव और उनके द्वारा स्थापित संस्थाओं की भूमिका पर गहरा ध्यान केंद्रित किया। मदर हाउस और निर्मला शिशु भवन अपने सामाजिक कार्यों और जरूरतमंदों की देखभाल के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध हैं। इस अवसर पर उन्होंने वहां मौजूद बहनों से उनके कार्यों के विषय में विस्तार से बातचीत की और उनकी सेवाओं की सराहना की।
मिशनरीज ऑफ चैरिटी, जो कि पिछले कई दशकों से गरीबों, बीमारों और जरूरतमंदों की सेवा कर रही है, ने इस अवसर पर रूबियो को अपनी गतिविधियों और चुनौतियों के बारे में जानकारी दी। रूबियो ने कहा कि ऐसे सामाजिक कार्यों में सरकार और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय दोनों को समर्थन देना चाहिए ताकि इन्हें और मजबूती मिल सके।
इस दौरे के दौरान उन्होंने मदर हाउस की विभिन्न सुविधाओं का अवलोकन किया और मिशनरीज ऑफ चैरिटी की नर्सिंग सेवाओं का भी जायजा लिया। रूबियो ने कहा कि मदर टेरेसा ने इंसानियत के लिए जो मिसाल कायम की है, उसे दुनिया कभी नहीं भूल सकती। उन्होंने इसके अलावा बच्चों और वृद्धों के लिए चलाए जा रहे भेदभावरहित उपचार कार्यक्रमों की भी तारीफ की।
मार्को रूबियो के इस दौरे को दोनों देशों के बीच मानवीय और सामाजिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। उनके सेंट टेरेसा मदर हाउस में बिताए गए समय से यह स्पष्ट होता है कि वे न केवल राजनयिक मामलों में बल्कि सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में भी गहरी रुचि रखते हैं।
कोलकाता प्रशासन और स्थानीय नागरिक इस दौरे को एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देख रहे हैं और इसे क्षेत्रीय विकास तथा सहकारी प्रयासों के लिए सकारात्मक संकेत मान रहे हैं। यह दौरा अमेरिकी विदेश नीति में मानवीय संबंधों को बल देने तथा भारत-अमेरिका के बीच व्यापक सामंजस्य स्थापित करने की दिशा में एक असरदार पहल है।
अंत में, यह दौरा मिशनरीज ऑफ चैरिटी के निरंतर प्रयासों को वैश्विक स्तर पर मान्यता देने तथा आवश्यक्ताओं को समझने और मदद पहुंचाने की प्रतिबद्धता का प्रतीक भी है। इस प्रकार के दौरे सामाजिक कल्याण कार्यों के लिए नई ऊर्जा और प्रेरणा प्रदान करते हैं।

