यमुना प्रदूषण पर ध्यान आकर्षित करने के लिए व्यक्ति ने मुर्गी के बजाय एक ऐसी कपड़े पहनी और नगर निगम कार्यालय पहुंचा

Rashtrabaan

    यमुना नदी में बढ़ते प्रदूषण और शहर में फैले कूड़े-करकट के मुद्दे को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता दीपक शर्मा ने नगर निगम कार्यालय पहुंचकर एक अनोखा तरीका अपनाया। दीपक ने बताया कि अधिकारियों की उदासीनता के कारण यमुना का प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है और शहर गंदगी की भेंट चढ़ रहा है। वे अपने इस प्रदर्शन के जरिए प्रशासन के समक्ष इस गंभीर समस्या को अन्यायपूर्ण नजरअंदाजी से बाहर लाना चाहते थे।

    उन्होंने कहा कि कई बार उन्होंने अधिकारियों को पत्राचार और शिकायत के माध्यम से समस्या की ओर ध्यान दिलाने की कोशिश की, परंतु कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। इसलिए उन्होंने यह तरीका चुना ताकि मीडिया और प्रशासन दोनों की नजरों में उनकी बात आ सके।

    दीपक शर्मा ने मुर्गी के बजाय कॉकरोच यानी एक तरह के कीड़े की तरह खुद को तैयार किया, क्योंकि उन्होंने महसूस किया कि उनकी तरफ सिर्फ उनके लिए तुच्छ समझे जाने वाले कीड़े जैसा नजरिया रखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह प्रदर्शन लोगों के लिए एक चेतावनी का संकेत है कि यदि प्रदूषण और गंदगी पर नियंत्रण नहीं हुआ तो यमुना और आसपास का क्षेत्र पूरी तरह विनष्ट हो सकता है।

    नगर निगम कार्यालय में जब दीपक अपनी पोशाक में पहुंचे तो उन्होंने अधिकारियों के समक्ष यमुना की स्थिति और शहर में गंदगी फैलाने वालों की कारस्तानी को लेकर कई प्रश्न उठाए। उन्होंने कहा कि यमुना में प्लास्टिक, गंदी नालियों का पानी, औद्योगिक कचरा लगातार डाला जा रहा है, जो न केवल नदी की सफाई को प्रभावित कर रहा है बल्कि आसपास के लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा है।

    उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे इस समस्या को गंभीरता से लें और यमुना प्रदूषण के खिलाफ ठोस कदम उठाएं। नगर निगम द्वारा नियमित सफाई व्यवस्था, कूड़ा प्रबंधन, और प्रदूषण नियंत्रण के लिए सख्त नियम बनाए जाने चाहिए। दीपक का मानना है कि सिर्फ प्रदूषण के कारण होने वाली बीमारियों में वृद्धि को देखकर ही जागरूकता नहीं आएगी बल्कि सक्रिय प्रशासनिक सुधारों की जरूरत है।

    इस प्रदर्शन के बाद मीडिया और आम जनता ने दीपक की हिम्मत और समर्पण की प्रशंसा की। सामाजिक संगठन भी दीपक के समर्थन में आगे आए और यमुना की सफाई के लिए संयुक्त रूप से अभियान चलाने का संकल्प लिया। वे सभी प्रशासन से अपील कर रहे हैं कि वे इस समस्या को हल करने के लिए आवश्यक संसाधन और प्रयास तुरंत जारी करें।

    यमुना भारत की पवित्र नदियों में से एक है, जिसका स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त रहना न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि स्थानीय जनजीवन और पर्यावरण के लिए भी आवश्यक है। दीपक शर्मा जैसी सक्रियता से ही आने वाले दिनों में यमुना की रक्षा संभव हो सकेगी, जिससे भविष्य की पीढ़ियां भी इस पवित्र नदी की शुद्ध धारा का आनंद ले सकेंगी।

    Source

    error: Content is protected !!