ईरान के विदेश मंत्री एब्बास अराघची ने अपनी हालिया इस्लामाबाद यात्रा को सफल बताते हुए कहा है कि इस दौरे के दौरान उन्होंने पाकिस्तानी नेताओं के साथ महत्वपूर्ण वार्तालाप किए। बातचीत का केंद्र विषय था कि किस दिशा में और किन परिस्थितियों में अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की वार्ताएं आगे बढ़ सकती हैं।
अराघची ने इस यात्रा के दौरान स्थानीय राजनेताओं से मुलाकात कर दोनों देशों के बीच राजनीतिक और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने पर भी चर्चा की। उन्होंने यह भी बताया कि वार्ताओं के आगे बढ़ने के लिए उपयुक्त माहौल और शर्तों पर आम सहमति बनाने की आवश्यकता है, ताकि दोनों पक्षों के बीच विश्वास कायम हो सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस्लामाबाद में अराघची की बैठकें ईरान और पाकिस्तान के पारंपरिक संबंधों को मजबूती प्रदान करने के साथ-साथ अमेरिका-ईरान वार्ताओं में मध्यस्थ का भी प्रभावशाली भूमिका निभा सकती हैं। बातचीत में यह भी स्पष्ट किया गया कि शांतिपूर्ण समाधान ही क्षेत्रीय स्थिरता की कुंजी है और इसके लिए सभी पक्षों को अपनी ज़िम्मेदारियों का निर्वाह करना होगा।
ईरान के विदेश मंत्री ने पाकिस्तान को इस क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण भागीदार बताया और कहा कि दोनों देश भविष्य में सहयोग की नई पहल करेंगे जो दोनों की आर्थिक और सुरक्षा हितों को सुदृढ़ करेगी। उन्होंने यह भी बताया कि बातचीत के दूसरे दौर की रूपरेखा को लेकर अभी कुछ तकनीकी मुद्दों पर काम चल रहा है, और इसे जल्द ही स्पष्ट कर दिया जाएगा।
इस यात्रा से यह संकेत मिलता है कि ईरान और पाकिस्तान दोनों ही अमेरिका के साथ चल रही वार्ताओं को लेकर गंभीर हैं और चाहते हैं कि संवाद सकारात्मक परिणामों तक पहुंचा जाए। अराघची की इस्लामाबाद यात्रा के बाद क्षेत्रीय राजनीतिक परिदृश्य में सहयोग और समन्वय की संभावनाएं बढ़ गई हैं, जो भविष्य में स्थिरता और विकास के लिए लाभदायक साबित होंगी।

