दक्षिण भारतीय संगीत उद्योग की उभरती हुई प्रतिभा धीरजा देसपांडे, जिन्हें लोकप्रियता से धी के नाम से जाना जाता है, ने हाल ही में अपने नए तमिल सिंगल ‘वाड़ी वाड़ी’ को लॉन्च किया है। इस नए गीत के माध्यम से धी ने अपनी भावनाओं और संगीत की गहराई को एक अनूठे अंदाज में प्रस्तुत किया है। उन्होंने बातचीत के दौरान बताया कि यह सिंगल उनके जीवन की लंबी पर्खाई और जड़ों से जुड़ी यादों का आईना है।
‘वाड़ी वाड़ी’ का संगीत संजय नारायणन ने संयोजित किया है, जिनके साथ धी की पिछली सफल सहयोग की वजह से यह संबंध और ज्यादा मजबूत हुआ है। धी ने कहा कि संगीत में प्रगाढ़ता और गहराई लाने के लिए संजय के साथ मिलकर काम करना हमेशा एक रोमांचक अनुभव होता है। दोनों ने मिलकर गीत में पारंपरिक और आधुनिक स्वरूप का मिश्रण किया है, जिससे गीत का संगीत श्रोताओं के दिल को छू जाता है।
धी ने अपने संगीत में लंबी तड़प और उदासी को अक्सर दर्शाया है, जो उनकी संगीत यात्रा का एक अहम हिस्सा है। उनके अनुसार, तड़प उनके सृजनात्मक ऊर्जा का स्रोत है, जिसने उन्हें वे गीत रचने के लिए प्रेरित किया जो भावनात्मक रूप से गहरे और प्रभावी होते हैं। उन्होंने बताया कि ‘वाड़ी वाड़ी’ में भी यही भावनाएं गूंजती हैं, जो उनके संगीत को एक विशेष पहचान देती हैं।
अपने आगामी प्रोजेक्ट्स के बारे में धी ने बताया कि उन्हें मलयालम संगीतकार साई अभ्यंकर के साथ काम करने का बहुत मन है। उनका मानना है कि साई की विशिष्ट शैली उनके संगीत में नए आयाम जोड़ सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि सहयोगी कलाकारों के साथ काम करना हमेशा उनके लिए नई सीख और संगीत के स्तर को ऊंचा करने का जरिया होता है।
धी ने ‘Enjoy Enjaami’ के बाद मिली लोकप्रियता और उसके प्रभाव के बारे में भी खुलकर बात की। यह गीत तमिल संगीत में एक मील का पत्थर साबित हुआ है और धी के संगीत कैरियर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बना हुआ है। उन्होंने कहा कि ‘Enjoy Enjaami’ उनके लिए सिर्फ एक गाना नहीं बल्कि एक सांस्कृतिक अनुभव है, जिसने उन्हें अपनी जड़ों से और मजबूती से जोड़ दिया।
समापन में धी ने श्रोताओं से अपील की कि वे ‘वाड़ी वाड़ी’ को सुनें और संगीत के जरिए अपनी भावनाओं को समझें। उन्होंने विश्वास जताया कि यह गीत उनकी संगीत यात्रा में एक नई शुरुआत साबित होगा। धी का संगीत उनकी अपनी कहानी कहता है, जो भावनाओं और संस्कृति का सुंदर संगम है।

