हिमाचल प्रदेश के 51 नगर निकायों के चुनावी माहौल ने पहले ही दिन जबरदस्त गति पकड़ ली है, जहां कुल 155 उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र दाखिल किए हैं। मंडी जिला सबसे आगे है, जहां सबसे ज्यादा—34 दावेदारों ने चुनाव लड़ने का मन बनाया है। इसके अलावा कुल्लू में 23, कांगड़ा में 22 और शिमला में 14 नामांकन दर्ज किए गए हैं। यह संख्या राज्य के विभिन्न इलाकों के चुनावी प्रतिस्पर्धा के स्तर को दर्शाती है।
हालांकि हमीरपुर जिला अभी तक शांत है, क्योंकि वहां एक भी उम्मीदवार ने नामांकन दाखिल नहीं किया है, जो चुनाव प्रक्रिया में एक अनोखा पहलू के रूप में उभर रहा है। नामांकन की अंतिम तिथियां अभी बाकी हैं—30 अप्रैल और 2 मई—जिसमें और भी नये चेहरे मैदान में उतर सकते हैं।
BJP उम्मीदवारों की सूची और रणनीति
भारतीय जनता पार्टी ने धर्मशाला, मंडी और पालमपुर जैसे महत्वपूर्ण नगर निगम क्षेत्रों में अपनी पहली फहरिस्त घोषित कर दी है। धर्मशाला में पार्टी ने कई नए और युवा चेहरों को मौका दिया है, जिससे स्पष्ट होता है कि BJP स्थानीय स्तर पर नई टीम को आगे बढ़ाने पर जोर दे रही है। पालमपुर और मंडी में अनुभवी और नए उम्मीदवारों का संतुलन बनाकर उन्होंने मजबूत चुनावी तैयारी की है। हालांकि सोलन नगर निगम की सीटों पर अभी टिकट अंतिम रूप नहीं ले पाए हैं, जो संकेत देता है कि वहां कड़े विचार-विमर्श के बाद ही फैसला होगा।
कांग्रेस में टिकट को लेकर विचार-विमर्श
वहीं कांग्रेस की बात करें तो पार्टी ने अभी तक अपने पूर्ण उम्मीदवार सूची की घोषणा नहीं की है। खासकर कांगड़ा जिले में चुनाव समिति की महत्वपूर्ण बैठक हुई है, जिसमें कई वार्डों के उम्मीदवारों के नाम तय किए गए, लेकिन अभी आधिकारिक घोषणा बची हुई है। नामांकन प्रक्रिया जारी है और दोनों प्रमुख दलों के लिए उम्मीदवारों का चयन अंतिम करने के लिए समय सीमित होता जा रहा है।
राज्य के चार नगर निगमों में कुल मिलाकर 64 पार्षद चुने जाएंगे, जिनमें से मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव भी होगा। इस बार चुनाव के परिणाम हिमाचल के स्थानीय प्रशासन की दिशा तय करेंगे और जनप्रतिनिधि विकास के नए आयाम स्थापित करेंगे।

