मुंबई। महा विकास अघाड़ी (एमवीए) ने आगामी विधान परिषद चुनाव के लिए अपना आधिकारिक उम्मीदवार अंबादास दानवे घोषित किया है। इस घोषणा से कई हफ्तों से चली आ रही अटकलों को विराम मिल गया है। शिवसेना (यूबीटी) के विधायक आदित्य ठाकरे ने इस बात की जानकारी दी और बताया कि यह निर्णय पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने खुद लिया है।
आदित्य ठाकरे ने कहा कि पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे पर खुद चुनाव लड़ने का दबाव था, लेकिन उन्होंने एमवीए की तरफ से अंबादास दानवे को ही उम्मीदवार बनाने का अंतिम फैसला किया। दानवे पहले भी विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष रह चुके हैं और उनका राजनीतिक अनुभव एमवीए के लिए एक मजबूत पक्ष साबित होगा।
एमवीए सहयोगी दलों की चाह थी कि उद्धव ठाकरे स्वयं चुनाव लड़ें। एनसीपी (एसपी) की नेता सुप्रिया सुले ने सार्वजनिक रूप से इस अपील को दोहराया था, जबकि कांग्रेस ने भी उद्धव ठाकरे के पक्ष में समर्थन दिया था। हालांकि, शिवसेना (यूबीटी) ने इन सभी सुझावों को दरकिनार करते हुए अपने उम्मीदवार के रूप में अंबादास दानवे के नाम पर मुहर लगाई।
राज्यसभा सांसद संजय राउत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी दानवे के नाम की पुष्टि की है और बताया कि वे गुरुवार सुबह 11 बजे नामांकन दाखिल करेंगे। यह कदम एमवीए की तैयारियों को और मजबूत बनाता है, क्योंकि अब सहयोगी दलों की प्रतिक्रिया पर राजनीतिक नजरें टिकी हैं।
महाराष्ट्र विधानसभा में एमवीए के कुल 46 विधायक हैं, जिनमें शिवसेना (यूबीटी) के 20, एनसीपी (एसपी) के 10 और कांग्रेस के 16 विधायक शामिल हैं। ऐसे में आगामी नामांकन प्रक्रिया और मतदान के दौरान इन दलों का सहयोग उम्मीदवार की जीत के लिए निर्णायक होगा।
शिवसेना (यूबीटी) द्वारा अंबादास दानवे को उम्मीदवार घोषित करना भाजपा की घोषणा के ठीक एक दिन बाद हुआ है, जिसमें भाजपा ने अपनी पाँच उम्मीदवारों की सूची जारी की है। राज्य की कुल 9 सीटों के लिए 12 मई को मतदान होना है, जिसमें एक अतिरिक्त सीट पर भी चुनाव हो रहा है। इस सीट के लिए भाजपा ने प्रज्ञा सातव को उम्मीदवार बनाया है, जो 2025 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुई थीं।
अंतिम नामांकन दाखिल करने की समय सीमा गुरुवार को समाप्त हो रही है। ऐसे में राजनीतिक हलकों की नजरें एमवीए के सहयोगी दलों की एकजुटता और सक्रिय समर्थन पर टिकी हैं, जो अंबादास दानवे के सफल चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह चुनाव महाराष्ट्र की राजनीति में आने वाले समय की दिशा तय कर सकता है।

