मंगलुरु में आयोजित एक महत्वपूर्ण सभा में भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि एक मजबूत और लोकतांत्रिक भारत न केवल देश के लिए, बल्कि विश्व के लिए भी शांति, विकास और स्थिरता का आधार है। उन्होंने यह भी बताया कि भारत का विकास वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं और विकास मॉडलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
निर्मला सीतारमण ने अपने भाषण में कहा कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में भारत की भूमिका और जिम्मेदारी बढ़ती जा रही है। एक विकसित और सशक्त भारत सिर्फ आर्थिक समृद्धि का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह वैश्विक शांति और स्थिरता का स्तंभ भी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र और विकास के अपने मॉडल से भारत अन्य देशों को प्रेरणा दे सकता है, जिससे विश्व का समग्र विकास संभव हो सके।
वित्त मंत्री ने कहा कि भारत की आर्थिक प्रगति से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूती मिलती है, जो अंतरराष्ट्रीय व्यापार और निवेश को बढ़ावा देती है। इससे न केवल भारत की जनता को लाभ होता है, बल्कि अन्य देशों को भी इसके आर्थिक प्रभावों का लाभ मिल सकता है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि भारत की स्थिर और पारदर्शी नीतियां विदेशी निवेश को आकर्षित करती हैं, जो देश को विश्व आर्थिक मंच पर मजबूती प्रदान करती हैं।
इस अवसर पर, निर्मला सीतारमण ने यह भी कहा कि भारत का विकास दुनिया के लिए एक आदर्श मॉडल प्रस्तुत करता है, जहां विविधता में एकता और लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ सतत विकास संभव है। उन्होंने कहा कि यह मॉडल अन्य विकासशील देशों के लिए एक मार्गदर्शक हो सकता है, जो समान रूप से सामाजिक और आर्थिक समावेशन पर बल देते हैं।
उन्होंने सभी देशों से अपील की कि वे भारत के विकास प्रयासों में सहयोग करें ताकि वैश्विक शांति और समृद्धि को बढ़ावा दिया जा सके। उन्होंने कहा कि भारत की प्रगति में विश्व की भलाई निहित है और इसे सुनिश्चित करना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।
निर्मला सीतारमण के अनुसार, भारत के मजबूत लोकतंत्र और विकास की दिशा में उठाए गए कदम न केवल देश की शक्ति बढ़ा रहे हैं, बल्कि वैश्विक स्तर पर एक सकारात्मक प्रभाव भी डाल रहे हैं। उन्होंने अंत में यह भी कहा कि विकसित भारत एक ऐसा भारत होगा जो न केवल अपने नागरिकों के लिए बेहतर भविष्य सुनिश्चित करेगा, बल्कि पूरी मानवता के लिए एक अवसर प्रस्तुत करेगा।

