राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने हाल ही में राज्य का नया बजट प्रस्तुत किया जिसमें गरीबों और किसान वर्ग को राहत देने वाली कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। इस बजट का मकसद आर्थिक मजबूती के साथ-साथ सामाजिक कल्याण को बढ़ावा देना है।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राजस्थान में सभी परिवारों को 100 यूनिट बिजली फ्री मिलेगी, जिससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को बिजली के बिल में भारी राहत मिलेगी। इसके अलावा, गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को मुफ्त राशन भी उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे उनके भोजन सुरक्षा में सुधार होगा। बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्रों पर विशेष जोर दिया गया है।
बजट की बड़ी घोषणाओं में ग्रामीण विकास के लिए कई योजनाओं का विस्तार और नई योजनाओं का आरंभ शामिल है। किसानों के लिए कृषि उपकरणियों पर सब्सिडी और बेहतर बाज़ार सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे उनकी आय में सुधार होगा। शिक्षा क्षेत्र में छात्रवृत्ति योजनाओं और स्कूलों में आधारभूत संरचना सुधारों को बढ़ावा दिया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग को और मजबूत करने के लिए नए अस्पतालों का निर्माण और मौजूदा स्वास्थ्य केंद्रों का आधुनिकीकरण करने की योजना है। बजट में महिला सशक्तिकरण के लिए भी कई योजनाएं शामिल हैं, जैसे स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना और महिला उद्यमियों के लिए विशेष वित्तीय सहायता देना।
सड़क, बिजली और जल आपूर्ति के क्षेत्र में विकास कार्यों को प्राथमिकता दी गई है ताकि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच विकास के अंतर को कम किया जा सके। सरकार ने कहा है कि यह बजट सभी वर्गों के लिए संतुलित और समावेशी होगा।
इस बजट के माध्यम से राजस्थान सरकार ने स्पष्ट किया है कि उनका प्रमुख उद्देश्य राज्य की सामाजिक और आर्थिक प्रगति को गति देना है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सभी उनकी घोषणाओं को लागू करने के लिए संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं ताकि हर क्षेत्र में तेजी से विकास हो सके। इस बजट को जनता द्वारा सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है और उम्मीद जताई जा रही है कि इससे राजस्थान में समृद्धि का नया दौर शुरू होगा।

