रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने अप्रैल माह में कई बैंकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। इस महीने बंधन बैंक सहित विभिन्न सहकारी और प्राइवेट बैंकों पर जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा तीन बैंकों का लाइसेंस रद्द कर दिया गया जबकि एक बैंक पर बैंकिंग कारोबार पर प्रतिबंध भी लगाया गया है। यह कार्रवाई बैंकिंग क्षेत्र में नियमों के कड़ाई से पालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है।
आरबीआई ने 24 अप्रैल से पेटीएम पेमेंट्स बैंक के बैंकिंग व्यवसाय पर रोक लगाई और इसका लाइसेंस रद्द कर दिया है। इससे पहले मार्च 2022 से यह बैंक नए ग्राहकों को जोड़ने से रोक था और जनवरी से फरवरी 2024 तक कुछ व्यापारिक पाबंदियां लगी थीं। बैंक के पास इतनी लिक्विडिटी मौजूद है कि अपने ग्राहकों के जमा राशि को लौटा सकेगा।
लाइसेंस रद्द हुए बैंकों की जानकारी
10 अप्रैल से प्रतापगढ़ का नेशनल अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पूरी तरह बंद कर दिया गया है और इसका लाइसेंस रद्द कर दिया गया। इसी तरह से शिरपुर मर्चेंट्स को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड का लाइसेंस भी 6 अप्रैल से निरस्त किया गया है। इन बैंकों के पास पूंजी और लाभ कमाने की क्षमता नहीं थी, जिसके कारण यह कदम उठाया गया।
प्रतिबंध लगे बैंक की स्थिति
जालना में स्थित मोतीराम अग्रवाल जालना मर्चेंट को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर 10 अप्रैल से छह माह के लिए बैंकिंग कारोबार पर प्रतिबंध लगाया गया है। इस दौरान इसका लाइसेंस रद्द नहीं किया गया है और बैंक की स्थिति की समीक्षा की जाएगी। इस अवधि में ग्राहकों को अपने खातों से धन निकालने की अनुमति नहीं होगी।
जुर्माने की सूची में शामिल बैंक
- जनकल्याण सहकारी बैंक लिमिटेड, मुंबई
- बंधन बैंक लिमिटेड
- डॉ बाबासाहेब आंबेडकर नागरिक सहकारी बैंक लिमिटेड, औरंगाबाद, महाराष्ट्र
- हरदोई जिला सहकारी बैंक लिमिटेड, उत्तर प्रदेश
- द हिमाचल प्रदेश स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, हिमाचल प्रदेश
- डॉ पंजाबराव देशमुख अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, अमरावती, महाराष्ट्र
आरबीआई की यह कार्रवाई बैंकिंग क्षेत्र को मजबूत और पारदर्शी बनाए रखने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। ग्राहकों के हितों की सुरक्षा और वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए नियामक एजेंसी लगातार सतर्क है और आवश्यकतानुसार सख्त कदम उठाती रहेगी।

