जयपुर। श्रीगंगानगर में भारतीय जनता पार्टी के एक विधायक और राजस्थान अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट (आरयूआईडीपी) के अधिकारियों के बीच विवाद तेजी से बढ़ गया है। शुक्रवार को सहायक अभियंता ने अपने ऊपर विधायक द्वारा शारीरिक हमला होने का आरोप लगाया और मीडिया के सामने अपनी चोटें दिखाई। इस घटना ने राजनीतिक गलियारों में भी हलचल मचा दी है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस मामले को गंभीर बताया और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
अशोक गहलोत ने कहा कि गुरुवार को भाजपा विधायक जयदीप बिहानी ने आरयूआईडीपी के अधिकारियों पर मारपीट का आरोप लगाकर विवाद शुरू किया था, लेकिन शुक्रवार को अधिकारियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विधायक पर शारीरिक हिंसा का आरोप लगाया और अपनी चोटें दिखाकर इस घटना को एक गंभीर रूप दे दिया।
उन्होंने इस घटना को अत्यंत गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण बताया। गहलोत ने कहा कि सरकारी अधिकारियों को अपनी सुरक्षा के दृष्टिकोण से सामने आकर आरोप लगाना पड़ना चिंताजनक है और इसके पीछे कई गंभीर सवाल छुपे हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से इस मामले में दलित अधिकारों की संवेदनशीलता पर बल दिया, क्योंकि इस विवाद में शामिल अधिकारी दलित समुदाय से हैं। उन्होंने कहा, “दलित समाज के एक व्यक्ति के साथ हुई इस घटना को पूरी गंभीरता से लिया जाना चाहिए और राज्य सरकार को इसमें उचित पहल करनी चाहिए।”
गहलोत ने राज्य सरकार से तत्काल हस्तक्षेप कर निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराए जाने की मांग की है ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों को सजा मिल सके।
श्रीगंगानगर में यह विवाद भाजपा विधायक जयदीप बिहानी और आरयूआईडीपी के सहायक अभियंता जगनलाल बैरवा के बीच मंगलवार से शुरू हुआ था, जो शुक्रवार को मीडिया में आने के बाद और उग्र हो गया। जगनलाल बैरवा ने आरोप लगाया कि विधायक ने उन्हें लात मारी और पाइप से पीटा, जिसकी वजह से उन्हें चोटें आई हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस के समक्ष पेश होने से पहले उन्हें नई शर्ट पहनाई गई ताकि चोटों को छिपाया जा सके।
इसी दिन एलएंडटी के मैनेजर शहनवाज हसन और इंजीनियर सोहम परमार को भी जमानत मिल गई. तीनों ने जिला परिषद कार्यालय में मीडिया से बातचीत कर अपने पक्ष की बात रखी।
जगनलाल बैरवा ने मीडिया के सामने फटी हुई बनियान पहनकर अपनी चोटें दिखाईं और बताया कि इस घटना के बावजूद विधायक और उनके समर्थकों ने उन्हें बदसलूकी का शिकार बनाया। उन्होंने कहा कि गुरुवार को उन्हें भाजपा विधायक के सेवा केंद्र में बुलाया गया था, जहां यह विवाद शुरू हुआ।
उन्होंने बताया कि शुक्रवार सुबह विधायक के मोबाइल फोन से उन्हें कॉल आनी शुरू हुई और तुरंत सेवा केंद्र आने को कहा गया। वहां पहुंचते ही विधायक ने उन पर हमला बोल दिया।
बैरवा ने विधायक जयदीप बिहानी और उनके समर्थकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए शिकायत दर्ज कराई है। राजस्थान डिप्लोमा इंजीनियर्स परिषद ने इस मामले की उग्र निंदा की और कहा कि इंजीनियरों को बैठक के बहाने बुलाकर मारपीट की गई है। परिषद ने चेतावनी दी कि यदि न्याय नहीं मिला तो वे राज्य व्यापी आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
यह विवाद विधायक जयदीप बिहानी की जनसुनवाई के दौरान शुरू हुआ था। हालांकि विधायक ने भी अधिकारियों पर मारपीट का आरोप लगाकर समान शिकायत दर्ज कराई है। इस विवाद के कारण प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर तनाव की स्थिति बनी हुई है।

