जयपुर। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन की दशकों बाद सत्ता में वापसी का खुले दिल से स्वागत किया है। उन्होंने यह भी जोर देते हुए कहा कि हाल ही में पांच राज्यों में संपन्न विधानसभा चुनावों के दौरान भारतीय जनता पार्टी द्वारा चुनावी संस्थाओं के दुरुपयोग की घटनाएं सामने आई हैं, जो लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि केरल में कांग्रेस की निर्णायक जीत पार्टी नेतृत्व की रणनीतियों और संगठन के सतत प्रयासों का प्रतिफल है। उन्होंने मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, केसी वेणुगोपाल और प्रियंका गांधी की भूमिका को विशेष रूप से रेखांकित किया, जिन्होंने पार्टी को मजबूती से आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई।
डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता कठिन परिस्थितियों और राजनीतिक दबाव के बावजूद अपने एजेंडे पर कायम रहे, जिससे केरल में शानदार सफलता हासिल हुई। साथ ही उन्होंने इस जीत को विपक्षी राज्यों में पार्टी के पुनरुत्थान का संकेत माना।
पश्चिम बंगाल के चुनावों की घटना पर बोलते हुए डोटासरा ने चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी और संस्थागत दुरुपयोग के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भारतीय चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए गए हैं क्योंकि केंद्रीय एजेंसियों जैसे प्रवर्तन निदेशालय, आयकर विभाग और केंद्रीय जांच ब्यूरो का राजनीतिक लाभ के लिए दुरुपयोग किया गया।
उन्होंने मतदाता सूची में संशोधन को लेकर भी चिंता जताई और बताया कि बड़ी संख्या में मतदाताओं को ‘निर्णय लंबित’ श्रेणी में रखा गया, जिससे चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर प्रश्न चिन्ह लग गया है। डोटासरा ने सवाल उठाया कि क्या ऐसे मतदाता भविष्य में मतदान कर पाएंगे या चुनावी पुन: मतदान की आवश्यकता होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल में चुनाव के दौरान सरकारी अधिकारियों की बड़ी संख्या में बर्खास्तगी हुई, जिससे संवैधानिक ढांचे की स्थापना प्रभावित हुई। इसके साथ ही बीजेपी शासित राज्यों में भी इस तरह की कार्रवाई पर सवाल खड़ा किया।
डोटासरा ने चुनाव अवधि के दौरान राजनीतिक सलाहकारों और अधिकारियों के विरुद्ध की गई कार्रवाई को अभूतपूर्व बताते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताया, जो लोकतंत्र की जड़ों को कमजोर कर रही है। इस अवसर पर उन्होंने राजस्थान में वर्तमान भाजपा सरकार पर भी आरोप लगाए कि वे शासन के बजाय जश्न मनाने में अधिक व्यस्त हैं, जो प्रदेश के विकास के प्रति असंवेदनशीलता दर्शाता है।
समग्रत: प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने केरल में मिली विजय को पार्टी की मजबूती और अगले चुनावों के लिए प्रेरणा मानते हुए राज्यों में चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता व कानूनी संस्थाओं की स्वतंत्रता की रक्षा करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करने का आह्वान किया।

