यूपी में अब सिफारिश या भ्रष्टाचार नहीं, केवल योग्यता पर ही युवाओं को सरकारी नौकरी: सीएम योगी

Rashtrabaan

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और तकनीक आधारित बनाया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में आयुष विभाग, व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग तथा दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के 481 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि प्रदेश में अब युवाओं को सिफारिश या भ्रष्टाचार के आधार पर नौकरी नहीं मिलती, बल्कि केवल योग्यता के आधार पर चयन होता है।

    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मिशन रोजगार’ के तहत उत्तर प्रदेश सरकार ने नौकरियों के वितरण में पारदर्शिता और निष्पक्षता को प्राथमिकता दी है। उन्होंने बताया कि अब तक नौ लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की जा चुकी है, जो पूरी तरह से परीक्षा और योग्यता आधारित है। किसी भी स्तर पर सिफारिश या भ्रष्टाचार की गुंजाइश न के बराबर है।

    सीएम ने कहा कि पहले भर्ती प्रक्रिया में जाति, मत, क्षेत्र और धन के आधार पर भेदभाव होता था, जिससे योग्य युवाओं का शोषण होता था। लेकिन वर्तमान सरकार ने भर्ती में भ्रष्टाचार और लीकेज को पूरी तरह समाप्त किया है। उन्होंने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग और अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की भूमिका की भी प्रशंसा की, जिनकी वजह से उत्तर प्रदेश अब देश में सबसे अधिक सरकारी नियुक्तियां देने वाला राज्य बन चुका है।

    मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय, बजट और समग्र अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि अब उत्तर प्रदेश रेवेन्यू सरप्लस प्रदेश है और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। साथ ही एमएसएमई क्षेत्र में भी प्रदेश ने तीव्र विकास किया है, जो देश में सबसे अधिक सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्योगों का केंद्र बन चुका है।

    योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अलग-अलग विभागों में तकनीक के उपयोग से भर्ती प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और जवाबदेह हुई है। व्यावसायिक शिक्षा के क्षेत्र में आधुनिक प्रशिक्षण तकनीकों और नए कोर्सों से युवाओं को कुशल बनाया जा रहा है, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को बल मिलता है।

    उन्होंने दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की भी सराहना की और कहा कि हर दिव्यांग व्यक्ति में क्षमता है, जिसे सही प्लेटफॉर्म और अवसर प्रदान कर विकसित किया जा सकता है। सरकार ने दिव्यांगजनों के लिए कई सुविधाएं और केंद्र भी स्थापित किए हैं।

    यह नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम प्रदेश में रोजगार के नए अवसर पैदा करने की प्रतिपुष्टि है और बताते हैं कि उत्तर प्रदेश अब भ्रष्टाचार मुक्त, तकनीकी रूप से सक्षम और न्यायसंगत भर्ती प्रक्रिया अपनाने वाला राज्य बन गया है। इस सफलता की कुंजी सीएम योगी की स्पष्ट नीति और सही नीयत रही है, जिसने युवाओं के सपनों को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है।

    इस अवसर पर राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल, नरेंद्र कुमार कश्यप, डॉ. दयाशंकर मिश्र “दयालु” समेत अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने इस सकारात्मक बदलाव के लिए अपने सहयोग का भरोसा दिलाया।

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