मुंबई में बकरीद को लेकर मुस्लिम नेताओं की अहम बैठक, शांति बनाए रखने का आग्रह

Rashtrabaan

    मुंबई। आगामी बकरीद पर्व को लेकर मुंबई के मुस्लिम नेताओं ने रविवार को महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें प्रशासन, गैर सरकारी संगठन, वकील, सामाजिक कार्यकर्ता, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि समेत विभिन्न वर्गों के लोग शामिल हुए। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य बकरीद के पर्व को शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से मनाने की तैयारियों को अंतिम रूप देना था।

    दुनिया भर के मुसलमान इस त्योहार को बड़े धूमधाम से मनाते हैं और भारत में यह पर्व इस बार 27 मई को चांद दिखाई देने के आधार पर आयोजित किया जाएगा। मुंबई में बकरीद को लेकर इस तरह की व्यापक बैठक पहली बार की गई है, जिसमें सभी हितधारकों ने शांति और सौहार्द बनाए रखने पर जोर दिया।

    बैठक के पश्चात एआईएमआईएम के प्रवक्ता वारिस पठान ने बताया कि पिछले वर्षों में कुछ तत्वों द्वारा नफरत फैलाने और अशांति फैलाने की घटनाएं सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि आजकल बिना किसी उचित आधार के लोग खुद को गौ रक्षक बताकर सार्वजनिक स्थानों पर वाहनों को रोक देते हैं, जिससे तनाव की स्थिति उत्पन्न होती है। उन्होंने बताया कि एक समिति का गठन किया गया है जो त्योहार के दौरान उत्पन्न होने वाली सभी शिकायतों का कानूनी तरीके से निराकरण करेगी। यह कदम पुलिस और प्रशासन के सहयोग से विवादों को कम करने में सहायक होगा।

    अधिवक्ता अमीन सोलकर ने भी बकरीद के पर्व को पूरी शांति और अनुशासन के साथ मनाने की अपील की। उन्होंने मुंबई के बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) तथा महाराष्ट्र सरकार के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने का भरोसा दिलाया। उनका कहना था कि बीएमसी द्वारा जारी किए गए नियमों के अनुपालन से पर्व सफल और सुरक्षित बन सकेगा।

    मुस्लिम धर्मगुरु मुफ्ती मोहम्मद अशफाक काजी ने इस संदर्भ में गंगा जमुनी तहजीब की महत्ता बताते हुए कहा कि भारत एक ऐसा देश है जहाँ सभी धर्मों के त्योहार शांति और भाईचारे के साथ मनाए जाते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि इस बार भी समुदाय शांति बनाए रखेगा और किसी भी प्रकार की हिंसा से दूर रहेगा। मुफ्ती काजी ने कहा, “यह याद रखना जरूरी है कि कभी-कभी कुछ लोग, चाहे हिंदू हों या मुसलमान, अपने व्यक्तिगत स्वार्थों के लिए साम्प्रदायिक शांति को भंग करने की कोशिश करते हैं, हमें उन प्रयासों को नाकाम करना है।”

    उन्होंने आगे कहा कि बीएमसी के दिशा-निर्देशों के अनुसार बकरियों का पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। मुफ्ती काजी ने आश्वासन दिया कि उनकी वकीलों की टीम कानून व्यवस्था को बिगाड़ने वाली किसी भी घटना को रोकने के लिए तत्पर है। उन्होंने सभी समुदायों से अनुरोध किया है कि वे इस पर्व को आपसी सद्भाव और भाईचारे के साथ मनाएं ताकि मुंबई में शांति बनी रहे।

    इस प्रकार, मुस्लिम नेताओं और विभिन्न सामाजिक तथा राजनीतिक संगठनों की इस संयुक्त पहल से यह संदेश जाता है कि त्योहारों को साम्प्रदायिक सौहार्द के साथ मनाना हम सब की जिम्मेदारी है। सार्वजनिक सुरक्षा एवं सामाजिक शांति बनाए रखने के प्रति सभी का संकल्प इस बैठक में दृढ़ हुआ है, जिससे उम्मीद है कि मुंबई में बकरीद का पर्व विधिवत और सौहार्दपूर्ण तरीके से सम्पन्न होगा।

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