मध्य प्रदेश के सिंगरौली से अपहृत दो वर्षीय मासूम बालिका झारखंड से सुरक्षित बरामद

Rashtrabaan

    सिंगरौली। मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले से अपहृत हुई दो साल की मासूम बालिका को पुलिस ने 36 घंटे के भीतर झारखंड से खोज निकालकर सुरक्षित बरामद कर लिया है। आरोपी भी पुलिस की गिरफ्त में है और मामले में कड़ाई से जांच जारी है।

    जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता अपनी दो वर्षीय पुत्री के साथ बैढ़न बस स्टैंड पर सोया हुआ था, जब उसने रात को नींद खुली तो मासूम बालिका वहां नहीं मिली। काफी खोजबीन के बावजूद बालिका का कोई पता नहीं चल पाया, जिससे परिजनों में चिंता का माहौल बन गया।

    शिकायत मिलते ही थाना बैढ़न में अपहरण का प्रकरण दर्ज किया गया और पुलिस ने तत्काल जांच शुरू कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सिंगरौली षियाज केएम ने विशेष एसआईटी का गठन किया। उप पुलिस अधीक्षक रोशनी पटेल के नेतृत्व में लगभग 150 पुलिसकर्मियों को 10 टीमों में विभाजित कर बालिका की खोज में लगाया गया।

    अपहृत बालिका और आरोपी की लोकेशन का पता लगाने के लिए इलाके में व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया। रेलवे स्टेशन, अस्पताल, बस स्टैंड, नदियों तथा डैम जैसी जगहों पर सघन छानबीन की गई। साथ ही, करीब 200 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की भी जांच की गई। बालिका के फोटो और पम्पलेट भी सार्वजनिक स्थानों तथा सोशल मीडिया पर जारी किए गए।

    सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने एक संदिग्ध को बालिका के साथ बैढ़न से बिलौजी होते हुए झारखंड के माजन मोड़ की ओर जाते हुए देखा। पूछताछ करने पर यह खुलासा हुआ कि आरोपी लातेहार, झारखंड का निवासी है और उसने बालिका को अपने गांव ले जाया है।

    इस सूचना के बाद पुलिस की विशेष टीमें झारखंड रवाना हुईं और आरोपी को उसके घर से गिरफ्तार कर दोनों मासूम बालिका को सुरक्षित परिजनों के सुपुर्द कर दिया। इस सफलता के लिए पुलिस अधीक्षक ने सभी टीमों को धन्यवाद दिया है।

    पुलिस ने अपहृत बालिका के सुरक्षित मिलने की खुशी जताई है और साथ ही अपहरण जैसे अपराधों पर कड़ी नजर रखने का आश्वासन दिया है। इस घटना ने पुलिस की सक्रियता और तत्परता को दर्शाया है, जिससे अन्य प्रदेशों में फैलने वाले ऐसे मामलों पर नियंत्रण पाने में मदद मिलेगी।

    परिजन और स्थानीय लोग भी पुलिस की टीमों की सराहना कर रहे हैं जिन्होंने इतनी जल्दी मासूम बालिका को खोज निकालकर परिवार के पास लौटा दिया। इस मामले से यह भी स्पष्ट होता है कि सतर्कता और पुलिस प्रशासन के बीच अच्छे समन्वय से अपराधों पर तेजी से काबू पाया जा सकता है।

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