जयपुर। NEET यूजी परीक्षा के पेपर लीक मामले ने राजस्थान की राजनीतिक गर्माहट को और बढ़ा दिया है। गुरुवार को जयपुर में कांग्रेस ने प्रदेश भाजपा मुख्यालय के सामने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के नेतृत्व में कांग्रेस के हजारों कार्यकर्ता और नेता एकत्र हुए और पैदल मार्च निकाल कर अपनी आवाज़ उठाई। यह प्रदर्शन प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय से शुरू होकर शहीद स्मारक होते हुए बीजेपी कार्यालय तक जाने का था।
प्रशासन ने प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा को लेकर कड़े इंतजाम किए थे। भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया और प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए रास्ते में बैरिकेडिंग की गई। पुलिस ने कार्यकर्ताओं को बीजेपी मुख्यालय तक पहुंचने से रोकने की पूरी कोशिश की, हालांकि कई कार्यकर्ता बैरिकेड्स तोड़कर आगे बढ़ने की जिद करते रहे। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच काफी धक्का-मुक्की हुई और पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का सहारा लेना पड़ा। इस तनावपूर्ण माहौल में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी भी मच गई थी।
केंद्र सरकार पर कांग्रेस का निशाना
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सहित महिला और पुरुष कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ कड़े नारों की बारिश की। कार्यकर्ताओं ने ‘‘NEET का पेपर कहाँ मिलेगा, बीजेपी के बाड़े में’’ जैसे नारों के माध्यम से सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग करते हुए पेपर लीक जैसी हालिया घटनाओं पर रोष जताया।
गोविंद सिंह डोटासरा के आरोप
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने इस मामले को लेकर केंद्र और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि लाखों छात्रों के भविष्य के साथ सरकार खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने का आह्वान किया। डोटासरा ने कहा कि विपक्षें पहले ही पेपर लीक मुद्दे को उठा रही थी, लेकिन सरकार ने गंभीर कार्रवाई नहीं की। वे चेतावनी देते हुए बोले कि परीक्षा व्यवस्था में लगातार गड़बड़ियां छात्रों और उनके अभिभावकों का विश्वास खो रही हैं। कांग्रेस ने NTA को भंग करने की भी मांग की है।
विधायक मनीष यादव की गिरफ्तारी और हंगामा
प्रदर्शन के दौरान शाहपुरा विधायक मनीष यादव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। कांग्रेस ने इसे सरकार की दमनात्मक नीति करार दिया। हालांकि पुलिस ने कहा कि यह कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी था। विधायक की गिरफ्तारी पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में गुस्सा देखने को मिला और आरोप लगाया कि सरकार विरोध की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है।
राज्यभर में विरोध प्रदर्शन लगातार
गौरतलब है कि इससे पहले भी राज्य के कई जिलों में कांग्रेस ने NEET पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन, धरने और पुतला दहन किए थे। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया है। पार्टी का कहना है कि लगातार हो रहे पेपर लीक से देश की शिक्षा व्यवस्था पर विश्वास खत्म हो रहा है।
जांच प्रक्रिया पर उठ रहे सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डोटासरा ने जांच की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस मांग कर रही है कि जांच पूरी तरह उचित रूप से हो और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। पार्टी का आरोप है कि सरकार मामले को दबाने में लगी हुई है जबकि लाखों छात्र-दोस्तों का भविष्य इस विवाद में फंसा हुआ है।
प्रशासन सतर्क और अलर्ट
वहीं, बीजेपी कार्यकर्ताओं ने भी कांग्रेस के विरोध में प्रदर्शन किए और पैदल मार्च निकाला। दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं के आमने-सामने आने का खतरा देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया। जयपुर की राजनीतिक गहमागहमी इस मुद्दे के चलते चरम पर पहुंच गई है और आने वाले समय में इस विवाद के और बढ़ने की संभावना है।

