धार में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के हालिया फैसले के बाद भोजशाला परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। शुक्रवार को इस परिसर में पहली बार नमाज अदा नहीं की जाएगी, जिससे परिसर में मां वाग्देवी के जयकारों की गूंज सुनने को मिल रही है। एसपी सचिन शर्मा ने घुड़सवार पुलिस बल के साथ मौके का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए।
पुलिस ने परिसर के अंदर और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त और निगरानी बढ़ा दी है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके। धार जिले में उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए लगभग 1800 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है, जिससे माहौल को पूरी तरह सुरक्षित बनाया जा सके।
एसपी सचिन शर्मा ने सभी नागरिकों, धार्मिक समुदायों और मीडिया प्रतिनिधियों से शांति बनाए रखने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने बताया कि उच्च न्यायालय के आदेश की प्रतियां सभी हितधारकों को उपलब्ध कराई गई हैं और उनका अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जा रहा है।
भोजशाला परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी हुई है, जो दर्शन और पूजा-अर्चना में व्यस्त हैं। प्रशासन उच्च सतर्कता पर है और परिसर के अंदर व आसपास डॉग स्क्वॉड सहित भारी पुलिस बल तैनात हैं ताकि स्थिति नियंत्रित रहे।
धार के कलेक्टर राजीव रंजन मीना ने 21 मई को एक बयान में बताया था कि जिले में शांति और सुव्यवस्था बनाए रखने के लिए सामाजिक और धार्मिक समुदायों से मिलकर कई प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत एक फुट फ्लैग मार्च निकालकर लोगों में शांति बनाए रखने की भावना को जन्म दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर भी निगरानी रखी जा रही है और यदि कोई अफवाह या गलत सूचनाएं फैलाने का प्रयास करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह सभी कदम इस बात का संकेत हैं कि प्रशासन और पुलिस बल किसी भी स्थिति से निबटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और समुदाय के सभी लोगों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपेक्षा की जा रही है। भोजशाला परिसर में इस बार का माहौल शांत और नियंत्रित रहता दिख रहा है, जो उच्च न्यायालय के आदेशों का सफल परिचायक है।

