भोपाल। ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में बना हुआ है। पुलिस ने इस हाई-प्रोफाइल केस में शनिवार को मुख्य आरोपी समर्थ सिंह को सात दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है, जिससे जांच में तेजी आएगी।
कोर्ट में सुनवाई के दौरान पुलिस ने आरोपी की सात दिन की रिमांड मांगी। पुलिस ने बताया कि मामले की गहन जांच के लिए स्पॉट वेरिफिकेशन, साक्ष्य की जब्ती और आरोपी के विस्तृत बयान जरूरी हैं। इन तकरीबन सभी प्रक्रिया के लिए आरोपी को पुलिस कस्टडी में रखना आवश्यक है। कोर्ट ने पुलिस की दलीलों को स्वीकार करते हुए समर्थ सिंह की सात दिन की पुलिस रिमांड मंजूर कर ली है।
भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने बताया कि पहले तीन नोटिस भेजे गए थे, लेकिन आरोपी ने कोई सहयोग नहीं किया। उन्होंने कहा कि पुलिस ने पूरी निष्पक्षता के साथ बिना किसी दबाव के मामले की जांच आरंभ कर दी है। पुलिस की प्राथमिकता जल्द से जल्द जांच पूरी कर कोर्ट में चार्जशीट पेश करना है।
अतिरिक्त डीसीपी अनिल शर्मा ने बताया कि आरोपी समर्थ सिंह की गिरफ्तारी के लिए जबलपुर में पुलिस अभियान चलाया गया, जिसमें वहां की पुलिस ने भी सहयोग दिया। समर्थ सिंह को गिरफ्तार कर भोपाल लाया गया है। डीसीपी ने स्पष्ट किया कि मामले की जांच पूरी पारदर्शिता और कानून के अनुसार हो रही है।
उन्होंने कहा कि यह एक दहेज मृत्यु का मामला है, इसलिए जांच में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं हुई है। साक्ष्य जुटाने एवं आरोप सिद्ध करने की प्रक्रिया क्रमवार हो रही है। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी और साक्ष्य संकलन में पूरी तत्परता दिखाई है।
डीसीपी ने आगे कहा कि कई दिन तक आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बचने का प्रयास करता है, लेकिन पुलिस के लगातार प्रयासों के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने भरोसा जताया कि आगामी दिनों में जांच की गति बढ़ाकर न्याय प्रक्रिया को शीघ्र पूरा किया जाएगा।
यह मामला समाज में व्याप्त दहेज प्रथा के दुष्परिणामों को भी उजागर करता है, जिससे कानून व्यवस्था मजबूत करने तथा पीड़ितों को न्याय दिलाने की जरूरत और भी अधिक स्पष्ट होती जा रही है। पुलिस इस दिशा में पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है ताकि ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

